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भीलवाड़ा में आइपीएस के ​खिलाफ डीजीपी ने बैठाई जांच

ips madhav bhilwara
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भीलवाड़ा। जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र में अवैध गारनेट (रेत का सोना) के काले कारोबार में अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है। गिरोह अवैध गारनेट माफिया से वसूली कर रहा था। कोटड़ी थाना पुलिस ने शनिवार रात चार जनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनको गिरफ्तार कर लिया। मामले में आइपीएस एवं सदर पुलिस उपाधीक्षक माधव उपाध्याय की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आइपीएस उपाध्याय के खिलाफ जांच बैठा दी है। मामले की जांच जीआरपी अजमेर के एसपी करेंगे। पकड़ा गया एक आरोपी जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा नजदीकी बताया जाता है।

थानाप्रभारी महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि 4 अप्रेल को थाने के कांस्टेबल अर्जुन राम व अन्य कांस्टेबल ने बीट क्षेत्र से एक सनसनीखेज जानकारी दी। मुखबिर से पुख्ता हुआ कि क्षेत्र में अवैध गारनेट का काम करने वालों से कुछ लोग खुलेआम वसूली कर रहे हैं। जांच में सामने आया कि यह गिरोह डरा-धमका कर गारनेट का काम करने वालों से प्रति मशीन 30 हजार रुपए वसूल कर रहे हैं। राशि नहीं देने पर धंधा नहीं करने की धमकी दी। मुखबिर से सूचना मिली कि भीलवाड़ा के शिवसुंदर निवासी अजय पांचाल, उदलियास निवासी नंद सिंह उर्फ पिंटू सिंह राजपूत, बीगोद के मोहनपुरा (मुणपुरा) निवासी नारायण गुर्जर तथा कोटड़ी के सालरिया खुर्द निवासी कालू गुर्जर आइपीएस माधव उपाध्याय के नाम पर वसूली कर रहे हैं। इन लोगों ने अब तक पांच से छह लाख रुपए प्रतिमाह के रूप में वसूली की है। यह पिछले कुछ माह से वसूली पर लगे थे।

महकमे में मचा हड़कम्प, एसपी ने की पूछताछ

सूचना से पुलिस महकमे में हड़कम्पमच गया। पुलिस अधीक्षक यादव ने विशेष टीम का गठन कर अजय पांचाल, नंदसिंह, नारायण गुर्जर तथा कालू गुर्जर को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच पुर थाना पुलिस को सौंपी गई है। पूछताछ में आइपीएस उपाध्याय की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। गिरफ्तार आरोपी अजय पांचाल जहाजपुर विधायक गोपीचंद का करीबी है। उधर, आइपीएस माधव उपाध्याय का कहना है कि मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।

Updated on:
05 Apr 2026 10:03 pm
Published on:
05 Apr 2026 10:03 pm