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उज्जैन सिंहस्थ से पहले यात्री के पास पहुंचेगा रेलवे, ‘जनरल टिकट’ के लिए रिटायर्ड रेलकर्मी बन सकेंगे सहायक

Indore Railway station: ट्रेन से पहले जनरल टिकट के लिए काउंटर पर लाइन लगाने की जरूरत नहीं रहेगी। एम-यूटीएस सहायक मोबाइल से यात्रियों के बीच घूमकर अनारक्षित टिकट जारी करेंगे, जिससे भीड़ और समय की परेशानी कम होगी।
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रेलवे स्टेशन पर जरनल टिकट, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)

रेलवे स्टेशन पर जरनल टिकट, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)

Indian railway: अब ट्रेन चलने से कुछ देर पहले जनरल टिकट लेने के लिए यात्रियों को काउंटर पर लाईन में खड़े रहना नहीं पड़ेगा। इससे प्रक्रिया से उन्हें जल्द राहत मिलने वाली है। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशन परिसर में ही मोबाइल से अनारक्षित सीट का टिकट उपलब्ध कराने की तैयारी हो रही है जिसके लिए एम-यूटीएस सहायक तैनात किए जाएंगे। वे यात्रियों के बीच घूमकर या ट्रेन के पास पहुंचकर टिकट जारी करेंगे। जनरल टिकट वाले यात्रियों की सबसे ज्यादा परेशानी ट्रेन रवाना होने का समय नजदीक आने पर होती है। एक साथ बड़ी संख्या में यात्री काउंटर पर पहुंचते हैं, जिससे कतार लंबी हो जाती है।

ऐसे में यात्रियों के सामने टिकट लेने और समय पर ट्रेन पकडऩे की दोहरी चिंता रहती है। कई बार टिकट लेने में लगने वाला समय इतना बढ़ जाता है कि यात्री ट्रेन तक पहुंच ही नहीं पाते। एम-यूटीएस सहायक यात्रियों के बीच जाकर मोबाइल और ब्लूटूथ प्रिंटर से टिकट जारी करेंगे। यानी यात्री को टिकट काउंटर तक जाने और लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। इससे टिकट जारी करने में लगने वाला समय घटेगा और काउंटरों पर भीड़ का दबाव भी कम होगा।

एटीवीएम फैसिलेटर भी कर रहे यात्रियों की मदद

रेलवे ने स्टेशनों पर एटीवीएम फैसिलेटर भी नियुक्त किए हैं। ये कर्मचारी वेंडिंग मशीन के जरिए यात्रियों को टिकट बनाने में मदद करते हैं। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार मंडल के प्रमुख स्टेशनों में इंदौर में दो, उज्जैन में एक और चित्तौडग़ढ़ में एक एटीवीएम फैसिलेटर नियुक्त किए गए हैं। यात्रियों की संख्या बढऩे पर यह व्यवस्था भी भीड़ कम करने में मददगार होगी।

रिटायर्ड रेलकर्मी भी बन सकेंगे सहायक

रेलवे की योजना में आम नागरिकों के साथ सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों को भी एम-यूटीएस सहायक के रूप में काम करने का मौका मिलेगा। आम नागरिकों के लिए एक लाख रुपए और रिटायर्ड रेलकर्मियों के लिए 20 हजार रुपए सुरक्षा जमा राशि तय की गई है। दोनों के लिए 10 हजार रुपए ईएमडी निर्धारित है। टिकट जारी करने पर सहायकों को कमीशन भी मिलेगा। रेलवे में भीड़ या किसी बड़े आयोजन के दौरान इस तरह मोबाइल टिकटिंग की व्यवस्था करने की नीति पहले से है। इसमें ट्रेन और प्लेटफॉर्म के आसपास ही यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराया जाता है।