
जमीन-मकान की रजिस्ट्री, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)
Indore news: जमीन-मकान की रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों के लिए बड़ी राहत है। अब किसी विभाग के अधिकारी के पत्र या निर्देश के आधार पर रजिस्ट्री नहीं रोकी जा सकेगी। रजिस्ट्री पर रोक लगाने के लिए सिर्फ कोर्ट का आदेश ही मान्य होगा। वरिष्ठ जिला पंजीयक ने इस संबंध में सभी पंजीयन कार्यालयों को आदेश जारी कर पहले रोकी गई रजिस्ट्री तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, हाल ही में नगर निगम आयुक्त के पत्र के आधार पर कुछ संपत्तियों की रजिस्ट्री रोक दी गई थी। इसके बाद इस व्यवस्था को लेकर विरोध शुरू हुआ। सवाल उठाया गया कि जब किसी संपत्ति पर न्यायालय की रोक नहीं है तो केवल किसी विभागीय अधिकारी के पत्र के आधार पर उसकी रजिस्ट्री कैसे रोकी जा सकती है। मामला भोपाल में वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा।
अधिवक्ता प्रमोद द्विवेदी के अनुसार, इस संबंध में वित्त सचिव से भी चर्चा की गई और इंदौर में पत्र के आधार पर रजिस्ट्री रोकने की कार्रवाई की शिकायत की गई। उनके अनुसार, इस व्यवस्था को उचित नहीं माना गया और कलेक्टर से भी इस संबंध में चर्चा हुई। इसके बाद वरिष्ठ जिला पंजीयक मंजूलता पटेल ने सभी पंजीयन कार्यालयों को निर्देश जारी किए। इसमें स्पष्ट किया गया है कि किसी विभाग के पत्र के आधार पर रजिस्ट्री रोककर नहीं रखी जा सकती। जिन दस्तावेजों का पंजीयन इस तरह रोका गया था, उन्हें नियमों के अनुसार फिर से शुरू करने को कहा गया है।
इस बदलाव का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो जमीन या मकान खरीदने के बाद रजिस्ट्री के लिए पंजीयन कार्यालय पहुंचते हैं। अब किसी विभागीय पत्र के कारण उनकी रजिस्ट्री अनिश्चित समय तक अटकने की स्थिति नहीं बनेगी। रोक का आधार स्पष्ट होगा और न्यायालय का आदेश होने पर ही पंजीयन रोका जाएगा।
नए निर्देश के मुताबिक, यदि किसी संपत्ति को लेकर न्यायालय ने रोक का आदेश जारी किया है, तो उसका पालन किया जाएगा। कोर्ट के आदेश के अलावा किसी अन्य विभाग या अधिकारी के पत्र को रजिस्ट्री रोकने का आधार नहीं माना जाएगा। ऐसे पुराने निर्देशों को प्रभावहीन मानते हुए तत्काल समाप्त करने के लिए भी कहा गया है।
Updated on:
24 Sept 2026 01:31 pm
Published on:
24 Sept 2026 01:31 pm
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