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Gwalior Fake passport: फर्जी पासपोर्ट से थाईलैंड, मलेशिया, जापान घूम चुके संदिग्ध, जालसाजों के खेल में फंसा प्रशासन

Fake passport: फर्जी पासपोर्ट से फरार 66 बांग्लादेशी घुसपैठियों के मामले में एसटीएफ ने 13 आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। डबरा में स्थानीय नेटवर्क के जरिए फर्जी दस्तावेज बनवाए गए थे, एक आरोपी गिरफ्तार।
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फर्जी पासफोर्ट से विदेश यात्रा, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)

फर्जी पासफोर्ट से विदेश यात्रा, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)

Gwalior news: फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाकर फरार 66 बांग्लादेशी घुसपैठियों में से 13 आरोपियों पर एसटीएफ ने 20-20 हजार रुपए का इनाम किया है। सभी आरोपी सिस्टम को धोखा देकर पासपोर्ट बनवाने में अहम कड़ी रहे हैं। मध्यप्रदेश में इनके स्पीलर सेल का बड़ा नेटवर्क पता चला है। जिसने घुसपैठियों के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, मूल निवासी और आधार कार्ड बनवाने से लेकर पुलिस से साठगांठ कर इन पर सत्यापन की मुहर लगवाई है। डबरा में इस नेटवर्क ने 30 दिन में ही 17 घुसपैठियों के पासपोर्ट बनवाए थे। इन लोगों ने किस तरह आखों में धूल झोंकी थी अब प्रशासन की चार टीमें जन्म प्रमाण, मूल निवासी और आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में संदिग्धों को तलाश रही है।

थानों में गहरी पैठ

जानकारी के अनुसार डबरा से एक पते और फोन नंबर से 17 पासपोर्ट बनवाने में हैरान करने वाली बातें सामने आ रहीं हैं। पता चला है कि मास्टरमाइंड रियाल चौधरी उर्फ मित्यानंद भिक्षु ने लोकल स्पीलर सेल ग्याप्रसाद उर्फ ज्ञानज्योति भंते निवासी पुरा बनवान और उसके गुरु गुलाबराय गौतम उर्फ सम्यक बोधि भते निवासी माधौनगर (जनकगंज) के नेटवर्क की डबरा एसडीएम दफ्तर, नगर पालिका और थाने में गहरी पैठ थी।

उसके बूते पर पासपोर्ट बनवाने के लिए 17 बांग्लादेशियों के वार्ड क्रमांक-1 सिमरिया (डबरा) के पते पर जन्म प्रमाण पत्र, मूल निवासी और आधार कार्ड बन गए। सिमरिया के पास एक ही क्यिोस्क सेंटर से सभी पासपोर्ट आवेदन हुए और फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट इश्यू हो गए। इन्हीं पासपोर्ट से घुसपैठियों ने थाईलैंड, मलेशिया, जापान और इंडोनेशिया समेत तमाम देशों की यात्राएं कीं। जब फर्जीवाड़ा पकड़ा गया तो 66 घुसपैठिए इन्हीं पासपोर्ट के दम पर विदेश भाग गए।

जालसाजों के खेल फंसा प्रशासन

घुसपैठियों ने खुद को सिमरियागांव का निवासी बताने के लिए यहीं का जन्म प्रमाण पत्र, मूल निवासी और आधार कार्ड बनवाया है। सभी दस्तावेजों पर डबरा एसडीएम कार्यालय की मुहर लगी है। घुसपैठियों का नेटवर्क में फंसने पर एसडीएम ऑफिस से अब सफाई दी जा रही है मूल निवासी तो स्वंय घोषणा पत्र से बनते हैं इसलिए उनकी पड़ताल नहीं हुई। लेकिन बांग्लादेशी घुसपैठियों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र कैसे बन गए इसका खुलासा नहीं किया जा रहा है।

चेला को जेल भेजा, गुरु सम्यक बोधि भंते फरार

घुसपैठियों के पासपोर्ट वेरीफिकेशन में गवाह ग्याप्रसाद गौतम उर्फ भंते ज्ञानज्योति निवासी पुरा बनवार, चीनोर को एसटीएफ ने गुरुवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। इससे पहले उसने पूछताछ में खुलासा किया जिन लोगों के पासपोर्ट बने हैं उनमें किसी को नहीं जानता था। आंबेडकर पार्क सिमरिया में यह लोग आते जाते जरुर रहते थे, उसने तो गुरु गुलाबराय गौतम उर्फ सम्यंक बोधी भंते के कहने पर तीन घुसपैठियों को सिमरिया का निवासी बताने की झूठी गवाही दी थी। फर्जी तरीके से इन लोगों के पासपोर्ट क्यों बनवाए गए यह तो गुलाबराय गौतम और रियाल चौधरी ही बता सकता है। एसटीएफ टीआइ बीएस परिहार का कहना है गुलाबराय गौतम अंडरग्राउंड हो गया है। उसे तलाशा जा रहा है।

फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने वाले 13 आरोपियों पर 20-20 हजार का इनाम किया गया है। एसटीएफ की टीम आरोपियों की तलाश में लगी है। आरोपियों की गवाही देने में पकड़े गए ग्याप्रसाद उर्फ ज्ञानज्योति भंते ने कई खुलासे किए है। ग्याप्रसाद गौतम तो सरपंच रहा है फिर भी उसने अनजान लोगों की गवाही दी है। उसे गिरफ्तार का जेल भेजा गया है।- राजेश सिंह भदौरिया, एसटीएफ एसपी, भोपाल