
चेन्नई के तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम क्षेत्र में रविवार को सेंट पीटर्स पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स कंपनी में अमोनिया गैस लीक से दो महिलाओं की मौत हो गई। 60 से अधिक श्रमिकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय और फैक्ट्री के कर्मचारियों में गहरी चिंता पैदा कर दी है।
पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना फैक्ट्री के साप्ताहिक अवकाश के दिन हुई, जब परिसर में करीब 120 प्रवासी श्रमिक, मुख्यतः असम, ओडिशा और झारखंड से आए हुए, मौजूद थे। गैस का रिसाव समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई के उत्पादन खंड में अचानक शुरू हुआ और पूरे परिसर में फैल गया। कई श्रमिकों ने सांस लेने में कठिनाई की शिकायत की, कुछ के मुंह और नाक से खून बहने लगा। प्रभावितों को इलाज के लिए आसपास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां दो महिलाओं की मौत हो गई।
घटना के तुरंत बाद पेरियापालयम पुलिस स्टेशन, अग्निशमन एवं बचाव सेवा, राजस्व विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। जिला प्रशासन के अनुरोध पर एनडीआरएफ की 4वीं बटालियन अरक्कोणम से विशेष सीबीआरएन प्रतिक्रिया टीम भेजी गई। 30 सदस्यीय टीम गैस डिटेक्शन डिवाइस और विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ पहुंची और रिसाव के प्रभाव का आकलन किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
15 लोगों को सरकारी अस्पताल में गहन निगरानी में रखा गया है, 23 लोग निजी अस्पताल के गहन चिकित्सा विभाग में भर्ती हैं, जबकि 24 अन्य निजी अस्पताल में निगरानी में हैं। नौ गंभीर रूप से प्रभावित श्रमिकों को एम्बुलेंस द्वारा गवर्नमेंट स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। प्रशासन की ओर से राहत कार्य जारी है और फैक्ट्री के श्रमिकों तथा उनके परिजनों में घटना के बाद चिंता का माहौल है।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मृतकों के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपए की सहायता राशि देने का आदेश दिया। दोनों महिलाओं के पार्थिव शरीर को उनके गृह राज्य भेजने और अंतिम संस्कार की व्यवस्था सरकार करेगी। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण मंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री को अस्पतालों में भर्ती प्रभावितों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराने और श्रमिक राज्य बीमा योजना अथवा कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के तहत सभी प्रभावित कर्मचारियों को उचित मुआवजा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर ने घटना पर शोक जताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर तिरुवल्लूर जिले में हुई घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इसमें औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और लोक स्वास्थ्य के अपर निदेशक शामिल हैं। समिति 24 घंटे में अंतरिम और 3 दिनों में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री और तिरुवल्लूर मॉनिटरिंग मंत्री को त्वरित रूप से मौके पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इस हादसे ने क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है। प्रशासन और अधिकारी प्रभावित लोगों को सर्वोत्तम देखभाल उपलब्ध कराने के लिए समन्वय से कार्य कर रहे हैं। फैक्ट्री श्रमिकों एवं उनके परिजनों में चिंता का माहौल बना हुआ है, और प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।