गुजरात में हर घंटे साइबर क्राइम के 13 मामले आ रहे हैं सामने, हर वर्ष 650 करोड़ रुपए गंवाते हैं गुजरात के लोग
अहमदाबाद. गुजरात में साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है। गुजरात प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि 1.21 लाख से अधिक साइबर क्राइम के मामलों के साथ गुजरात देश में तीसरे स्थान पर है। इस मामले में यूपी पहले और महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर है।गुजरात प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता हीरेन बैंकर ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में हर घंटे औसतन 13 और एक दिन में औसतन 333 से अधिक साइबर क्राइम के मामले दर्ज हो रहे हैं। एक वर्ष में इस अपराध के कारण लगभग 650 रुपए ऐंठ लिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि साइबर क्राइम को रोकने में सरकार विफल रही है। राज्य में फर्जी पहचान पत्र, फर्जी टोल बूथ, फर्जी पीएमओ अधिकारी, सीएमओ अधिकारी जैसे मामले भी सामने आ चुके हैं। अब राज्य के युवा वर्ग को साइबर क्राइम से होने वाले नुकसान का सामना भी करना पड़ रहा है। वर्ष 2023 में गुजरात में 121701 मामले साइबर क्राइम के दर्ज हुए हैं। इस अवधि में देश में 11.28 लाख मामले दर्ज हुए, इनमें से यूपी में सबसे अधिक 1.97 लाख और महाराष्ट्र में 1.25 लाख से अधिक मामले दर्ज हुए।कांग्रेस की ओर से मांग की गई है कि प्रदेश में साइबर क्राइम को रोकने के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। हाल में राज्य में 14 साइबर क्राइम थाने हैं, इनकी संख्या बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं में साइबर क्राइम को लेकर जागरूकता फैलाने की भी मांग की गई।
बैंकर ने कहा कि गुजरात राज्य के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी का फेसबुक अकाउंट भी नकली बनने की घटना सामने आई है। खुद गृहराज्यमंत्री ने इस संबंध में पोस्ट करके जानकारी दी। सरकार डिजिटल इंडिया की बातें करती है, लेकिन साइबर अपराध को रोकने में विफल रही है। जब राज्य के गृह राज्यमंत्री का ही साइबर ठग नकली अकाउंट बना ले रहे हैं और वह पकड़ से दूर हैं तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।