समाचार

गुजरात को जल्द मिलेगी नई रेल सुविधा, 63 किमी रेलखंड पर 120 Kmph स्पीड ट्रायल सफल

Gujrat News: गुजरात में 63 किलोमीटर लंबी काटोसन रोड-बेचाराजी-रानूज ब्रॉड गेज रेल लाइन पर यात्री ट्रेन सेवाए शुरू करने की दिशा में एक अहम पड़ाव पार कर लिया गया है। इसके लिए 120 किमी प्रतिघंटे की स्पीड का ट्रायल सफल रहा।
2 min read
Gujarat Railway CRS Inspection
काटोसन रोड-बेचाराजी-रानूज रेल लाइन पर स्पीड ट्रायल, photo- ANI

Gujrat News: गुजरात में 63 किलोमीटर लंबी काटोसन रोड-बेचाराजी-रानूज ब्रॉड गेज रेल लाइन पर यात्री ट्रेन सेवाए शुरू करने की दिशा में एक अहम पड़ाव पार कर लिया गया है। इसके लिए 120 किमी प्रतिघंटे की स्पीड का ट्रायल सफल रहा। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (पश्चिमी सर्कल) द्वारा तीन दिन की अनिवार्य सुरक्षा जांच पूरी की गई। इस रेलखंड में सीआरएस की फाइनल मंजूरी मिलते ही यात्री ट्रेनों का संचालन जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ा इंजन

रेलखंड में सीआरएस जांच का आज अंतिम दिन रहा। यह जांच रेलवे लाइन को यात्री सेवाओं के लिए खोलने से पहले का आखिरी तकनीकी चरण है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि फाइनल मंजूरी मिलने के बाद रूट पर रेल सेवाएं शुरू हो जाएंगीगी। जांच ​​के दौरान, रेलवे सुरक्षा आयुक्त (पश्चिमी सर्कल) ई. श्रीनिवास ने मोटर ट्रॉली का इस्तेमाल करके पूरे रेल सेक्शन की बारीकी से जांच की। शनिवार को, रूट पर अधिकतम सुरक्षित ऑपरेटिंग स्पीड का पता लगाने के लिए 120 किमी/घंटा की स्पीड का सफल ट्रायल किया गया।

तय मानकों पर हुई सीआरएस जांच

सीआरएस जांच में रेलवे के सभी जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल किया गया, जैसे ट्रैक की क्वालिटी, सिग्नलिंग और टेलीकम्युनिकेशन सिस्टम, पुल, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (OHE), इंटरलॉकिंग सिस्टम, ट्रैक फिटिंग, बैलास्ट, OHE की ऊँचाई और सुरक्षा से जुड़े अन्य तय मानक।

जांच में अहमदाबाद के डिविजनल रेलवे मैनेजर वेद प्रकाश, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) प्रदीप गुप्ता, गुजरात रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (G-RIDE) के डायरेक्टर राजकुमार, G-RIDE के जनरल मैनेजर (सिविल) शिवेंद्र कुमार मुख्य ट्रैक इंजीनियर, मुख्य परिचालन प्रबंधक (सामान्य) और निर्माण व ओपन लाइन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

10 साल से प्रोजेक्ट था लंबित

काटोसन रोड-बेचाराजी-रानूज गेज कन्वर्जन प्रोजेक्ट को 2017 में मंजूरी मिली थी और इसे इंडियन रेलवे और गुजरात रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (G-RIDE) के जॉइंट वेंचर के तौर पर लगभग 1,000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से विकसित किया गया है।

63 किलोमीटर लंबे इस रूट में 14 रेलवे स्टेशन, नौ बड़े पुल, 100 छोटे पुल, 47 रोड अंडर ब्रिज/लिमिटेड हाइट सबवे (RUB/LHS) और 16 कर्व शामिल हैं। इस रूट के मुख्य स्टेशनों में से एक, बेचराजी स्टेशन, मेहसाणा जिले में स्थित श्री बहुचर माता मंदिर का प्रवेश द्वार है। यह मंदिर गुजरात के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है और हर साल यहां लाखों श्रद्धालु आते हैं।

रेलखंड में यह होगा फायदा

  • रेलवे अधिकारियों ने बताया कि तत्कालीन महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए गायकवाड़ बड़ौदा रेलवे का विस्तार बेचराजी तक किया था।
  • नई रेल कनेक्टिविटी से इस इलाके के निवासियों, उद्योगों और तीर्थयात्रियों की सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
  • इससे मेहसाणा और पाटन जिलों में बेचराजी, खंभेल और चनास्मा के लिए कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी, जिससे यात्रियों, छात्रों, व्यापारियों और औद्योगिक इकाइयों को फायदा होगा।
  • तीन दिन तक चले निरीक्षण में पहले दिन काटोसन रोड-बेचराजी सेक्शन, दूसरे दिन बेचराजी-चनास्मा सेक्शन और तीसरे दिन चनास्मा-रानूज सेक्शन को कवर किया गया।
  • रेलवे अधिकारियों ने कहा कि सभी ज़रूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने और सुरक्षा संबंधी अंतिम मंज़ूरी मिलने के बाद यात्री रेल सेवाएं शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
Updated on:
11 Jul 2026 08:20 pm
Published on:
11 Jul 2026 08:20 pm