
लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश का बजट बनाने वाले लोगों में ओबीसी और दलित जातियों के लोगों को शामिल नहीं किया जाता। हलवा सेरेमनी का जिक्र करते उन्होंने हुए कहा था कि उसमें कितने पिछड़ी, दलित और ओबीसी समाज के लोग हैं। कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद जहां पूरी भाजपा उन पर हमलावर है तो कांग्रेस अब बचाव की मुद्रा में आ गई है।
फिरोज गांधी के पोते बजट बनाने वालों की जाति पूछते हैं
इसी कड़ी में भाजपा के प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, जो दिवंगत फिरोज गांधी के पोते हैं, बजट तैयार करने वालों सहित सभी की जाति पर सवाल उठाते हैं, जातियों की संख्या और उनकी पहचान पूछते हैं। वहीं, अगर कोई उनकी जाति के बारे में पूछता है, तो कांग्रेस इसे अपना अपमान मानती है।
फिरोज गांधी के पोते की जाति पूछना गलत कैसे?
प्रेम शुक्ला ने आगे कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संविधान के किस अनुच्छेद के तहत फिरोज गांधी के पोते की जाति पूछना अपमान माना जाता है और कांग्रेस सदस्यों को इस मुद्दे पर स्पष्टता प्रदान करनी चाहिए। दूसरी तरफ मंगलवार को भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा था कि जिसकी जाति के बारे में पता नहीं है, वह जाति गणना की बात करता है। उनके बयान पर लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। राहुल गांधी के अलावा अखिलेश यादव ने भी सत्ता पक्ष पर जुबानी हमले किए।