Sage- सेज की मनमानी: अनुमतियां निरस्त करने की कार्रवाई शुरु, सागर ग्रीन हिल्स के 16 पेंट हाउस अवैध
Sage- भोपाल शहर सहित प्रदेश के नामी बिल्डर सेज डेवलपर्स कंस्ट्रक्शन द्वारा कोलार इलाके में कलियासोत नदी से सटाकर तैयार किया गया सागर ग्रीन हिल्स परिसर अवैध घोषित करने के नोटिस जारी हुए हैं। नगरीय प्रशासन संचालनालय ने इस मामले में सेज बिल्डर के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए वर्ष 2013 में कोलार नगर पालिका से मिली अनुमतियों को खारिज करने एवं भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोप तय कर दिए हैं। लोगों के करोड़ों रुपए फंस गए हैं। जांच में दीवारों में दरारें आने, जमीन धंसने और कलियासोत कैचमेंट नियमों में उल्लंघन भी पाया गया।
सागर ग्रीन हिल्स कवर्ड कैंपस कलियासोत नदी के किनारे वर्ष 2013 की अनुमति के आधार पर बनाया गया था। नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत बिल्डिंग बनाने के प्रावधान में 18 मीटर की अधिकतम ऊंचाई निर्धारित की गई थी जबकि सेज डेवलपर एवं बिल्डर ने इसे 21 मीटर तक बढ़ा दिया।
गड़बड़ी का क्रम यहीं नहीं थमा। सेज डेवलपर्स ने हाई राइज इमारत बनाने के बावजूद निवेशकों से मोटी रकम वसूलने के लिए 16 पेंट हाउस बनाकर बेच दिए। गैर कानूनी रूप से एक पेंट हाउस के बदले 80 लाख रुपए से एक करोड़ के बीच राशि वसूल की गई।
राज्य शासन द्वारा बिल्डिंग एवं कवर्ड कैंपस को अवैध घोषित करने की प्रक्रिया शुरू होने से अब निवेशकों के करोड़ों रुपए इस परिसर में फंस गए हैं। सुनवाई की अगली तारीख पर सेज डेवलपर और बिल्डर को तय किए गए आरोप पर पक्ष रखने का मौका दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर राज्य शासन द्वारा संपूर्ण परिसर को विधिवत अवैध घोषित कर दिया जाएगा।
नगरीय विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने चल रही सुनवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला 2021 में तत्कालीन विधायक अर्जुन सिंह काकोडिय़ा ने विधानसभा सदन में उठाया था। उन्होंने सेज डेवलपर एवं बिल्डर के खिलाफ निर्माण अनुमतियों के उल्लंघन एवं निवेशकों की रकम लेकर उनके साथ गैरकानूनी व्यवहार करने का आरोप लगाया था।
जांच के बाद पाया गया कि कलियासोत नदी से सटाकर कवर्ड कैंपस का निर्माण किया गया है। रिटेनिंग वॉल में दरारें आ चुकी हैं। कैंपस की जमीन पानी की सीलन की वजह से धंसने लगी है। इस प्रकार बिल्डिंग स्ट्रक्चर भी नागरिकों के लिए खतरनाक घोषित किया जा चुका है।
नगरपालिका की आड़ में अवैध निर्माण
सेज डेवलपर्स एवं बिल्डर के मालिक ने कोलार नगर पालिका से वर्ष 2013 में नक्शा और लेआउट दिखाकर कॉलोनी विकास की अनुमति मांगी थी। भूमि विकास नियम 2012 का पालन करते हुए नगर पालिका ने चार टावर बनाने एवं उनकी ऊंचाई 18 मीटर रखने के निर्देश जारी किए थे। बिल्डर ने चार टावर के अलावा एक अतिरिक्त मंजिल तैयार कर ली। 18 मीटर की बजाय 21 मीटर तक की ऊंची बिल्डिंग बनाई गई। छत को कॉमन एरिया घोषित करने की बजाय यहां पेंट हाउस बनाकर बेच दिए गए।