
कटनी. मप्र जल निगम की परियोजना क्रियान्वयन ईकाई इंदवार की ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना जिले के 52 गांवों में ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पाई है। दो वर्षों में पूरी होने वाली योजना के सात वर्षों बाद भी अधूरी पड़ी हुई है। दर्जनों गांवों में नलों की टोटियां सूखी हुई हैं। कई गांवों में सप्ताह में एक या दो बार पानी पहुंच रहा है तो कई गांवों में पाइपलाइन लीकेज सहित अन्य समस्याओं के चलते पानी नहीं आ रहा है। आगामी गर्मी के सीजन में ग्रामीणों को परेशानी होगी और कई गांवों के लोग दूरदराज के क्षेत्रों पानी लाकर प्यास बुझाएंगे।
जानकारी के अनुसार इंदवार-1 ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजनाना की स्वीकृत पुनरीक्षित अनुबंधित लागत 232.34 करोड रुपए अनुबंध के अनुसार योजना का कार्य 17 सितंबर 2018 को प्रारंभ किया गया था तथा कार्य पूर्णता अवधि 2 अक्टूबर 2020 तक की थी। अफसरों ने दावा है कि योजना को 31 दिसंबर 2024 तक पूर्ण कर पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उल्लेखनीय है कि इस योजना के अधूरे कार्यों को लेकर अक्टूबर 2024 में कलेक्टर ने ठेका कंपनी के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे लेकिन जल निगम ने ऐसे कोई कार्रवाई नहीं की है। कलेक्टर द्वारा लगातार जल परियोजनाओं की समीक्षा किए जाने के बावजूद यहां हालात नहीं बदल रहे हैं।
योजना में शामिल हैं 52 गांव
योजनांतर्गत जिले के 52 ग्राम सम्मिलित है। जिनमें पेयजल प्रदाय किए जाने के लिए 28 नग उच्च स्तरीय टंकियां का निर्माण किया गया है। बताया गया है कि कुछ उच्च स्तरीय टंकियों का निर्माण होना अबतक शेष है। दर्जनों गांवों में पानी सप्लाई की टेस्टिंग नहीं हो पाई है। अफसरों का दावा है कि योजनांतर्गत जिले के 52 ग्रामों में जल वितरण पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी पूर्ण कर करीब 15 हजार 600 नल कनेक्शन भी प्रदाय किए जा चुके है तथा स्थानीय मांग के अनुसार नवीन नल कनेक्शन प्रदाय किए जा रहे हैं।
पाइपलाइन में आएदिन लीकेज
जिले के बरही व विजयराघवगढ तहसील के दर्जनों गांव में नलजल योजना का काम धीमी गति में चल रहा है लेकिन काम पूरा नही हुआ। गांव-गांव बिछाई गई पाइपलाइन आएदिन लीकेज हो जाती है वहीं अन्य समस्या सामने आ रही है जिससे लोगों पानी नही मिल रहा। योजना के ठेकेदार और कर्मचारियों के द्वारा टेस्टिंग के दौरान जीपीएस फोटो लेकर कागजों में नल चालू होने का दावा करते है जबकि कई काम होना शेष है। तिमुआ गांव के सरपंच तीरथ पटेल ने बताया कि यहां नल की टोटियां लगी है लेकिन खुद प्यासी है। नल से जल नहीं आता। हमने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन कईबार किया है लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।
सरपंच घर से देते हैं ग्रामीणों को पानी
बनगवां सरपंच हरिहर पटेल ने बताया कि जल निगम योजना का कार्य शुरू 7 साल का समय बीत रहा है लेकिन नल से जल नही पहुंच रहा है। गर्मी में मैं खुद घर के ट्यूबवेल से गांव के लोगों को पानी देता हूं। यदि नल से जल आने लगे तो लोगों को बहुत राहत मिलेगी। बरही नगर से सटे बनगवां ग्राम पंचायत की आश्रित बस्ती संदीप कालोनी व पंचमुखी कालोनियों में सैकड़ों लोग निवासरत है। यहां गर्मी से समय लोगों के ट्यूबवेल हवा होगा उगलने लगते हैं वहीं हर साल पीने के पानी के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां पर शासकीय महाविद्यालय, पशु चिकित्सालय, व्यवहार न्यायालय, विद्युत विभाग, मंडी, थाना, छात्रावास इंडियन हुमन प्राइवेट लिमिटेड का ऑफिस बना है जहां पर जलसंकट बना रहता है। तहसील कार्यालय के पीछे बनी पानी की टंकी शोपीस बनी है।
इन गांवों में सबसे अधिक समस्या
बरही विजयराघवगढ तहसील अंतर्गत करौंदी खुर्द, करौंदी कला, बुजबुजा, झिरिया, बिचपुरा, बनगवां, खन्ना, जाजागढ़, धबैया, लूली, सिजहरा, मनघटा, डोकरिया, घंघरौटा, तिमुआ, गैरतलाई, कुटेश्वर, इटौरा सहित अन्य गांव में नलजल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई गई है लेकि न ग्रामीणों को पीने का पर्याप्त पानी नहीं मिला। कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढों को आज तक नहीं भरा गया है।
दो जिलों के लिए महत्वपूर्ण है यह योजना
जानकारी अनुसार जल निगम की यह योजना 2 जिलों के लिए सबसे अहम योजना है जिसके तहत इंदवार परियोजना में उमरिया जिले के मानपुर ब्लॉक के लगभग 65 गांव और कटनी जिले के विजयराघगढ़ तहसील और बरही तहसील के 52 गांव मे पानी पहुंचना था जिसमें अभी भी कई गांव पर टंकी तो बनी हुई है लेकिन टंकियों में पानी नहीं पहुंचा है शोपीस बनी है। वित्तीय वर्ष 17-18 में ठेका कंपनी को काम सौंपा गया था जिसमें 2018-2019 में काम चालू हुआ। 2 वर्ष में काम पूरा करने का समय अवधि निकलने के बाद कंपनी ने 2 साल एक्सटेंशन में अपना समय खफा दिया लेकिन इसके बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। इसके बाद से अबतक एक्सटेंशन पर ही कार्य हो रहा है।
इनका कहना
कुछ गांवों में सडक़ व नाली निर्माण में पाइपलाइन टूटने के चलते सप्लाई प्रभावित हुई है। ऐसे स्थानों पर सुधारकार्य करवाया जा रहा है। यह बात सही है कि योजना अबतक पूरी तरह से पूर्ण नहीं हुई है। कटनी जिले में कई गांवों में सप्लाई टेस्टिंग की जाना बाकी है। संबंधित ठेका कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। समय-समय पर अर्थदंड की कार्रवाई की गई है।
पलक जैन, महाप्रबंधक, जलनिगम शहडोल