समाचार

रेल नक्शे पर बढ़ा कटनी का कद: कटनी साउथ और मुड़वारा अब कहलाएंगे जंक्शन, जारी हुआ आदेश

रेलवे के नए फैसले से बढ़ी पहचान, भविष्य में ट्रेनों के ठहराव और सुविधाओं की उम्मीद] दो प्रमुख स्टेशन-कटनी साउथ और कटनी मुड़वारा आधिकारिक तौर पर जंक्शन कहलाएंगे

2 min read
May 24, 2026
Katni South and Murwara will now be designated as Junctions

कटनी. देश के सबसे महत्वपूर्ण रेल नेटवर्क वाले शहरों में शामिल कटनी को रेलवे ने एक और बड़ी पहचान दी है। पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा जारी अधिसूचना के बाद अब कटनी जिले के दो प्रमुख स्टेशन-कटनी साउथ और कटनी मुड़वारा आधिकारिक तौर पर जंक्शन कहलाएंगे। रेलवे बोर्ड की स्वीकृति और भारतीय रेलवे सम्मेलन (आईआरसीए) की सहमति के बाद यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अब ये स्टेशन कटनी साउथ जंक्शन और कटनी मुड़वारा जंक्शन के नाम से जाने जाएंगे। हालांकि दोनों स्टेशनों के पुराने कोड यथावत रहेंगे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव सिर्फ नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इन स्टेशनों की बढ़ती परिचालनिक अहमियत को दर्शाता है। कटनी पहले से ही मध्य भारत का बड़ा रेल हब माना जाता है, जहां से उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम की दिशा में रेल मार्ग जुड़े हुए हैं। अब शहर के दो और स्टेशनों को जंक्शन का दर्जा मिलने से कटनी की रेल पहचान और मजबूत हुई है।

ये भी पढ़ें

पुलिस का हाइटेक प्लान: एक क्लिक में खुलेगी अपराधियों की कुंडली, 1500 से अधिक अपराधी हो रहे स्कैन

इसलिए खास हैं ये दोनों स्टेशन

कटनी मुड़वारा स्टेशन लंबे समय से कटनी शहर के प्रमुख यात्री स्टेशनों में शामिल रहा है। यह स्टेशन दक्षिण-पूर्व रेलवे रूट और जबलपुर, बिलासपुर, सिंगरौली, सतना दिशा की कनेक्टिविटी में अहम भूमिका निभाता है। वहीं कटनी साउथ स्टेशन मालगाडिय़ों और वैकल्पिक रेल परिचालन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। रेलवे के अनुसार जंक्शन का दर्जा उन स्टेशनों को दिया जाता है जहां से एक से अधिक रेल मार्ग अलग-अलग दिशाओं में जुड़ते हों या ट्रेनों का संचालन विभाजित होता हो। कटनी में नई रेल लाइनें, कॉर्ड लाइन और बायपास कनेक्टिविटी विकसित होने के बाद इन दोनों स्टेशनों की उपयोगिता लगातार बढ़ी है।

जंक्शन बनने से ये होंगे फायदे

  • ट्रेनों के संचालन और रूट प्रबंधन में भी आसानी होगी।
  • ट्रेनों की क्रॉसिंग और डायवर्जन अधिक व्यवस्थित होंगे।
  • अलग-अलग दिशाओं की ट्रेनों का परिचालन बेहतर ढंग से हो सकेगा।
  • भविष्य में नए प्लेटफॉर्म और यात्री सुविधाओं के विस्तार की संभावना बढ़ेगी।
  • लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव के लिए स्टेशन मजबूत दावेदार बन सकते हैं।
  • रेलवे के आधिकारिक नेटवर्क मैप में स्टेशन की पहचान और महत्व बढ़ेगा।
  • मालगाडिय़ों और यात्री ट्रेनों के संचालन का दबाव बांटने में मदद मिलेगी।

रोज गुजरती हैं कई यात्री और मालगाडिय़ां

कटनी साउथ स्टेशन से प्रतिदिन करीब 18 से 21 ट्रेनों का संचालन और ठहराव होता है। यहां अमरकंटक एक्सप्रेस, शक्तिपुंज एक्सप्रेस, अंबिकापुर एक्सप्रेस, इंटरसिटी सहित कई प्रमुख ट्रेनें रुकती हैं। स्टेशन पर दो प्लेटफॉर्म हैं और यह डबल इलेक्ट्रिक लाइन से जुड़ा हुआ है। कटनी मुड़वारा स्टेशन भी शहर के व्यस्त स्टेशन में गिना जाता है। यहां से जबलपुर, बिलासपुर, सिंगरौली, नागपुर, भोपाल और छत्तीसगढ़ की दिशा में यात्री ट्रेनों का नियमित संचालन होता है। रेलवे सूत्रों के अनुसार माल परिवहन के लिहाज से भी यह रूट काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कटनी कोयला, सीमेंट और खनिज परिवहन का बड़ा केंद्र है।

रेल शहर के रूप में और मजबूत होगी पहचान

कटनी को पहले से ही देश के महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शनों में गिना जाता है। यहां कटनी जंक्शन, न्यू कटनी जंक्शन, माधवनगर और मुड़वारा जैसे कई स्टेशन हैं, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और मालगाडिय़ां गुजरती हैं। रेलवे नेटवर्क के विस्तार के साथ शहर की रणनीतिक अहमियत लगातार बढ़ रही है। रेलवे जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में कटनी साउथ जंक्शन और कटनी मुड़वारा जंक्शन को नई सुविधाओं, बेहतर परिचालन और अतिरिक्त रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकता है। शहरवासियों को भी उम्मीद है कि इससे कटनी को और अधिक ट्रेनों की सौगात मिलेगी तथा रेल यात्रियों की सुविधाएं बढ़ेंगी।

ये भी पढ़ें

बेबस सिस्टम: 23 साल से फाइलों में दबी वृंदावन बिहार आवासीय योजना
Published on:
24 May 2026 07:32 pm
Also Read
View All