
IAS सुरुचि सिंह ने नगर निगम भिलाई के आयुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया। ( Photo - Patrika )
Success Story of IAS Suruchi Singh: सुरुचि सिंह वर्तमान में छत्तीसगढ़ कैडर में तैनात हैं। उनका ट्रांसफर राजनांदगांव से भिलाई हुआ हैं। भिलाई नगर निगम की आयुक्त की जिम्मेदारी संभालेंगी। बता दें कि नगर निगम की पहली महिला आयुक्त सुरुचि सिंह जितनी दिखने में सुंदर हैं, उतनी ही अपने कार्यक्षेत्र में भी सफल हैं। वहीं संघर्ष की कहानी UPSC उम्मीदवार के अंदर हौसला भर देगी। बता दें कि तीसरे प्रयास में UPSC क्रैक की। इससे पहले वे लॉ डिग्री, फिर 2 साल बड़ी कंपनी में नौकरी की। वहीं जब यूपीएससी की करने की ठानी तो हार नहीं मानी और सपना सच कर दिखाया।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी सुरुचि सिंह ने सोमवार को नगर निगम भिलाई के आयुक्त के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण किया। इससे पहले वे जिला पंचायत राजनांदगांव की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के पद पर कार्यरत थीं। पदभार ग्रहण के दौरान निगम के सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। नए आयुक्त के आगमन के साथ ही निगम में प्रशासनिक कार्यशैली और जवाबदेही को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सुरुचि सिंह: पिछले साढ़े छह वर्षों के प्रशासनिक अनुभव में किसी भी जनप्रतिनिधि से मेरे संबंध खराब नहीं रहे। जो काम नियमों के तहत संभव होगा, उसे प्राथमिकता से किया जाएगा। जो संभव नहीं होगा, उसके लिए स्पष्ट रूप से अपनी बात रखूंगी।
सुरुचि सिंह: मैं मेहनत, ईमानदारी और टीमवर्क में विश्वास करती हूं। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पहुंचाना मेरी प्राथमिकता होगी।
IAS Suruchi Singh: सुरुचि सिंह: इसके लिए सबसे पहले निगम की आय बढ़ानी होगी। संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) की वसूली को अधिक प्रभावी और सख्त बनाना होगा। साथ ही यह भी ध्यान रखना होगा कि यह चुनावी वर्ष है, इसलिए संतुलित तरीके से निर्णय लेने होंगे।
नए नगर निगम आयुक्त के सामने सबसे बड़ी चुनौती निगम की वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाना और शहर की मूलभूत समस्याओं का समाधान करना होगा। कांग्रेस शासित निगम और भाजपा सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाकर विकास कार्यों को गति देना आसान नहीं रहेगा। भिलाई नगर व वैशाली नगर की निचली बस्तियों में पेयजल, सडक़ और नाली जैसी समस्याएं प्राथमिकता होंगी। वहीं, नियमित वेतन भुगतान के लिए संसाधन जुटाना भी बड़ी परीक्षा होगी।
सुरुचि के पिता कृष्णपाल सिंह भी आईएएस रह चुके हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मध्य प्रदेश कैडर से की थी। उस वक्त मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दो अलग राज्य नहीं हुआ करते थे, जिसकी वजह से कृष्णपाल सिंह की पोस्टिंग छत्तीसगढ़ के शहरों में भी हुआ करती थी।
यूपीएससी क्रैक करने के बाद सुरुचि को छत्तीसगढ़ कैडर मिला। वह बस्तर में सहायक कलेक्टर भी रह चुकी हैं, जिसके बाद उन्होंने बेमेतरा में एसडीएम के तौर पर भी काम किया है। मातृभूमि GOS ऐप के लिए आईएएस सुरुचि का नाम बहुत लोकप्रिय है, जिसकी पीएम मोदी ने भी सराहना की है।
Updated on:
14 Jul 2026 12:33 pm
Published on:
14 Jul 2026 12:32 pm
