पन्ना-सतना राष्ट्रीय राजमार्ग-39 में हिचकोले खा रहे यात्री, साइड सोल्डर में गड्ढे पन्ना. राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर सतना-पन्ना के बीच हर दिन टोल टैक्स देने के बाद भी वाहन चालकों को सुरक्षित और आरामदाय सड़क नसीब नहीं हो रही है। बारिश के मौसम में सकरिया से पन्ना शहर के बीच कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त हो […]
पन्ना-सतना राष्ट्रीय राजमार्ग-39 में हिचकोले खा रहे यात्री, साइड सोल्डर में गड्ढे
पन्ना. राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर सतना-पन्ना के बीच हर दिन टोल टैक्स देने के बाद भी वाहन चालकों को सुरक्षित और आरामदाय सड़क नसीब नहीं हो रही है। बारिश के मौसम में सकरिया से पन्ना शहर के बीच कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। मॉनसून के बिदा हो जाने के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। इससे इस हाइवे से गुजरने वाले यात्री जर्जर हो चुकी सड़क पर हिचकोले खाने को मजबूर हैं।
साइड सोल्डर के गड्ढे दे रहे हादसे को आमंत्रण
सकरिया से पन्ना के बीच घाटी में हाइवे ङ्क्षसगल-वे है। भारी वाहनों को साइड देते समय तेज रफ्तार वाहन टक्कर से बचने एक पहिया सड़क से नीचे उतार देते हैं, लेकिन वर्तमान में सड़क किनारे साइड सोल्डर में खतरनाक गड्ढे होने से वाहन उतारने लायक नहीं है। ऐसे में सामने से भारी वाहन आने टक्कर से बचने बस चालक अचानक ब्रेक लगा देते हैं, जिससे यात्रियों का 15 किमी का सफर हिचकोले खाते गुजरता है।
हर 10 मिनट में एक बस
सतना-पन्ना हाइवे पर यात्री वाहनों का ट्रैफिक सर्वाधिक होने के बाद भी हाइवे प्रशासन सड़क की मरम्मत को लेकर गंभीर नहीं हैं। सतना पन्ना के बीच हर 10 मिनट में एक यात्री बस गुजरती है, लेकिन सड़क पर जानलेवा गड्ढों के कारण हाइवे से गुजरने वाले यात्रियों का सफर आसान नहीं है। लोग मजबूरी में यात्रा कर रहे हैं।
साइड रेङ्क्षलग भी क्षतिग्रस्त
घाटी में वाहन हाइवे से नीचे नाले और खाई में न गिरे, इसके लिए सड़क किराने सुरक्षा रेङ्क्षलग लगाई है। यह वाहनों के टकराने से जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क में गड्ढों के कारण घाटी में कई बार चालक वाहन को सड़क के नीचे उतार देते हैं लेकिन सुरक्षा रेङ्क्षलग न होने के कारण कभी भी वाहन नाले में उतर सकते हैं और बड़ा हादसा हो सकता है।
कौन करे शिकायत?
पन्ना घाटी में हाइवे की हालत खराब होने से वाहन चालक परेशान है। पन्ना निवासी सुरेन्द्र ङ्क्षसह का कहना है कि घाटी में एक तो सड़क संकरी है, दूसरा किराने गड्ढे होने से दिनभर हादसे का खतरा बना रहता है। चालक अपनी और यात्रियों की जान जोखिम में डाल वाहन चला रहे हैं। बस ऑपरेटर पुष्पेंद्र ङ्क्षसह ने कहा, टोल टैक्स देने के बाद भी गड्ढों भरी सड़क पर चलने को मजबूर हैैं। ऑपरेटरों के संगठित न होने के कारण कोई भी शिकायत करने आगे नहीं आ रहा।
रास्ते का निर्माण कराने के निर्देश
कलेक्टर सुरेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया है। कलेक्टर ने जिला महिला बाल विकास अधिकारी ऊदल ङ्क्षसह को निर्देश दिए हैं कि सिविल लाइन मुख्य मार्ग से वन स्टॉप सेंटर तक आने-जाने का पक्का मार्ग निर्माण करवाने की आवश्यक कार्रवाई कर जानकारी दें। कलेक्टर ने माना है कि पक्का मार्ग नहीं होने से वन स्टॉप सेंटर तक आने-जाने वाली महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर की सख्ती के बाद पक्का मार्ग बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर पालिका प्रशासन को मार्ग का निर्माण करवाने पत्र लिखा गया है।