
BRICS Business Forum: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन को संबोधित किया। संबोधन में तीनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने, सुरक्षित व्यापार मार्ग तैयार करने और स्थानीय मुद्राओं के व्यापक उपयोग पर जोर देने की बात कही। ये बयान डॉलर के वर्चस्व को चुनौती देने की ट्रंप की आलोचना के बाद आए हैं।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने प्रमुख मुद्राओं पर निर्भरता कम करने की जोरदार वकालत की। उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सिस्टम लिमिटेड करेंसी पर केंद्रित है, इसलिए यह राजनीतिक झटकों के प्रति ज्यादा संवेदनशील है। इसलिए उन्होंने ब्रिक्स सदस्यों के बीच व्यापार में राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस कदम के लिए करेंसी रिस्क को मैनेज करने और आपसी सेटलमेंट के लिए जरूरी साधन स्थापित किए जाने चाहिए। उन्होंने न्यू डेवलपमेंट बैंक से अपील की कि वह लोकल करेंसी लेंडिंग और गारंटी के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर व एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए फाइनेंसिंग का मुख्य जरिया बने, ताकि प्राइवेट कैपिटल को आकर्षित किया जा सके।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में ढांचागत और गहरे बदलाव हो रहे हैं। 20वीं सदी के दूसरे हिस्से में आर्थिक ग्रोथ को आगे बढ़ाने वाली पारंपरिक आर्थिक ताकतों की जगह अब उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं ले रही हैं। उन्होंने कहा कि तथाकथित पुराने लीडर्स के पास अब भी कई बड़ी ताकतें हैं, जैसे कि विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी क्षमता और वैज्ञानिक मजबूती। लेकिन उन्होंने जोर देकर यह बात कही कि चीजें हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं, मानव समाज और अर्थव्यवस्था लगातार बदलती रहती है।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वैश्विक व्यापार की प्रगति तभी संभव है, जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, सप्लाई रूट खुले रहें और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि भारत नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा का मजबूत समर्थक है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव के कारण होरमुज जलडमरूमध्य से जुडे व्यापारिक मार्गों में बाधाओं की चिंता बढी हुई है। मोदी ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्थिरता के लिए समुद्री सुरक्षा बेहद जरूरी है।