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भारत पहुंचे ईरान के राष्ट्रपति, कल आएंगे चीन के राष्ट्रपति, क्या दिल्ली से निकलेगा मिडिल ईस्ट युद्धविराम का रास्ता?

Iran President Masoud Pezeshkian: BRICS Summit 2026 के लिए रूस, चीन और ईरान के राष्ट्रपति दिल्ली पहुंच रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में यह मंच मिडिल ईस्ट युद्ध को रोकने की दिशा में कोई रास्ता निकाल सकता है?
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भारत

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Gajanand Prajapat

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Updated: 11 Sep 2026, 3:17 PM IST

BRICS Summit Delhi

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-X/ @NarendraModi)

BRICS Summit 2026: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत की राजधानी दिल्ली दुनिया की बड़ी कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गई है। 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन भारत पहुंच चुके हैं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी दिल्ली में हैं और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 सितंबर को भारत पहुंचेंगे। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या रूस, चीन, ईरान और भारत के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी मिडिल ईस्ट में युद्धविराम की दिशा में कोई रास्ता खोल सकती है? यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे पहले SCO समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अंतहीन युद्ध का अंत होना जरूरी है।

ईरान के राष्ट्रपति के दौरे पर दुनिया की नजर

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की भारत यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है। मिडिल ईस्ट के मौजूदा तनाव और ईरान पर लगे कड़े पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण उनके वीआईपी विमान और फ्लाइट रूट पर खास नजर रखी गई थी। ऐसे माहौल में उनका सुरक्षित भारत पहुंचना भी इस यात्रा की संवेदनशीलता को दिखाता है।

सात साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात साल बाद भारत दौरे पर आ रहे हैं। वह 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS समिट में शामिल होंगे। उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन उनकी मौजूदगी भारत-चीन संबंधों के साथ-साथ वैश्विक संकटों पर चर्चा के लिहाज से अहम होगी। इससे पहले साल 2019 में शी जिनपिंग चेन्नई के पास मामल्लापुरम में हुई एक अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए भारत आए थे।

पुतिन-मोदी की मुलाकात भी अहम

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS समिट में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इससे पहलेबिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में पीएम मोदी ने पुतिन से कहा था कि दुनिया को 'अंतहीन युद्ध' से निकलकर युद्ध समाप्ति की दिशा में बढ़ना होगा। ऐसे में दिल्ली में होने वाली बातचीत पर भी खास नजर रहेगी।

ये देश भी होंगे शामिल

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों, सहयोगी देशों और आउटरीच आमंत्रित देशों के नेता एक साथ आएंगे। ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। ब्रिक्स के सहयोगी देशों में बेलारूस, क्यूबा, ​​बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं।