
BRICS Summit 2026 (Photo- AI Generated)
BRICS Summit 2026: भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने पहली बार पाकिस्तान स्थित कथित ISI हैंडलर शाहजाद भट्टी को लेकर थ्रेट असेसमेंट एडवाइजरी जारी की है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियों को आशंका है किBRICS Summit 2026के आसपास शाहजाद भट्टी का नेटवर्क दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में कम तीव्रता वाले हमले या अन्य बाधा पैदा करने वाली गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर सकता है।
सुरक्षा एजेंसियांखास तौर पर इस संभावना का आकलन कर रही हैं कि भट्टी का नेटवर्क स्थानीय लोगों का इस्तेमाल रेकी, हथियारों की खरीद और संवेदनशील या कमजोर स्थानों की पहचान के लिए कर सकता है।
एडवाइजरी में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। एजेंसियां संदिग्ध आवाजाही, ऑनलाइन भर्ती की संभावित गतिविधियों, हथियारों की खरीद के प्रयास और संवेदनशील प्रतिष्ठानों या स्थानों की रेकी पर नजर रख रही हैं। जांच एजेंसियां लक्षित फायरिंग, ग्रेनेड हमले या अन्य तरह की बाधा पैदा करने वाली गतिविधियों की संभावना को भी ध्यान में रख रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियां उन संदिग्ध स्थानीय संपर्कों पर भी करीबी नजर रख रही हैं, जिन्हें पाकिस्तान स्थित नेटवर्क सक्रिय कर सकता है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे स्थानीय लोगों का इस्तेमाल रेकी, भर्ती, लॉजिस्टिक्स और हथियारों की खरीद जैसे कामों के लिए किए जाने की आशंका है। राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में ऐसे संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
यह ताजा थ्रेट असेसमेंट ऐसे समय सामने आया है जब कुछ सप्ताह पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने कई राज्यों में कथित ISI समर्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) के खिलाफ बड़ा संयुक्त अभियान चलाया था। अधिकारियों के अनुसार, हालिया कार्रवाई के बावजूद एजेंसियां नेटवर्क के बचे हुए सदस्यों या समर्थकों की ओर से गतिविधियां दोबारा शुरू करने की संभावना को लेकर सतर्क हैं।
BRICS Summit 2026 के दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ही विशेष तैयारियां की जा रही हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी छोटे स्तर के हमले या व्यवधान को गंभीरता से ले रही हैं। एजेंसियों का आकलन है कि इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य लोगों में डर पैदा करना, सुरक्षा बलों के संसाधनों का ध्यान दूसरी तरफ लगाना या कानून लागू करने वाली एजेंसियों की प्रतिक्रिया को परखना हो सकता है। गृह मंत्रालय (MHA) के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने इस नेटवर्क के खिलाफ समन्वित अभियान चलाया था। 12 अगस्त को हुई इस कार्रवाई में 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया। यह अभियान खुफिया सूचनाओं को साझा करते हुए राज्य पुलिस बलों के साथ समन्वय में चलाया गया था।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, अभियान उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, कर्नाटक, गुजरात, बिहार, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में चलाया गया। MHA ने कहा था कि यह कार्रवाई स्वतंत्रता दिवस के आसपास कथित तौर पर तैयार की जा रही गतिविधियों को रोकने के लिए की गई थी। इसे सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ सरकार की घोषित 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा बताया गया।
गृह मंत्रालय के अनुसार, कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इसके अलावा जासूसी के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे CCTV कैमरे भी बरामद किए गए थे। MHA के मुताबिक, इस नेटवर्क के खिलाफ अब तक कुल मिलाकर 80 से ज्यादा FIR दर्ज की जा चुकी हैं और 200 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। इन मामलों में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA, भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट समेत विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।
गृह मंत्रालय ने शाहजाद भट्टी नेटवर्क को पाकिस्तान स्थित और ISI समर्थित आतंकी सिंडिकेट बताया है। मंत्रालय के अनुसार, यह नेटवर्क भारत में ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम हमलों के साथ-साथ लक्षित हत्याओं से जुड़ा रहा है। अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि नेटवर्क से जुड़े लोगों ने स्थानीय संपर्कों को पुलिस, रक्षा और धार्मिक स्थलों की रेकी करने तथा निगरानी और जासूसी के लिए CCTV कैमरे लगाने के लिए पैसे दिए।
ताजा थ्रेट असेसमेंट से संकेत मिलता है कि हालिया कार्रवाई के बावजूद सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क के बचे हुए सदस्यों या समर्थकों को लेकर चिंतित हैं। एजेंसियां इस बात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं कि कहीं नेटवर्क से जुड़े स्थानीय ऑपरेटिव दोबारा सक्रिय होकर रेकी, भर्ती, लॉजिस्टिक्स या हथियारों की खरीद जैसी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की कोशिश तो नहीं कर रहे हैं?
Updated on:
11 Sept 2026 01:46 pm
Published on:
11 Sept 2026 01:46 pm
