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उद्धव को फिर लगेगा बड़ा झटका, आनंद दुबे छोड़ सकते हैं शिवसेना UBT का साथ!

Anand Dubey May Leave Shiv Sena: महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे की शिवसेना UBT को एक और झटका लग सकता है। पार्टी के प्रवक्ता आनंद दुबे के नाराज होने और पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनके बीजेपी में जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
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आनंद दुबे छोड़ सकते हैं शिवसेना UBT का साथ! फोटो-IANS

Anand Dubey May Leave Shiv Sena: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका लग सकता है। शिवसेना UBT के दिग्गज नेता और प्रवक्ता आनंद दुबे पार्टी छोड़ने का मन बना चुके हैं। दुबे महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तर भारतीयों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। हिन्दी-मराठी विवाद के बीच उन्होंने खुलकर उत्तर भारतीयों का साथ दिया था। ऐसे में उनका जाना शिवसेना UBT के लिए बड़ा झटका होगा। हालांकि, अभी ये साफ नहीं है कि दुबे का अगला ठिकाना क्या होगा, लेकिन माना जा रहा है कि वो भाजपा का ‘कमल’ थाम सकते हैं।

इस वजह से नाखुश हैं दुबे

आनंद दुबे के करीबी सूत्रों ने पत्रिका को बताया कि वह पार्टी की कार्यप्रणाली से नाखुश हैं। विरोध के नाम पर जिस तरह सम्पूर्ण विपक्ष मोदी सरकार को निशाना बना रहा है और देश विरोधी ताकतों का समर्थन कर रहा है, उससे दुबे नाराज हैं। मूलरूप से उत्तर प्रदेश निवासी दुबे ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत शिवसेना के साथ की थी। वह उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे के करीबी माने जाते हैं। एक शिवसेना लीडर ने कहा, ‘आनंद दुबे का पार्टी के साथ गहरा रिश्ता रहा है, वह इसे एक परिवार की तरह मानते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से जो कुछ हो रहा है, उससे वह आहत हैं। दुबे केवल विरोध के नाम पर विरोध नहीं करते, वो वही कहते हैं जो उन्हें सही लगता है और उनकी यही खूबी अब कुछ नेताओं को खटकने लगी है’।

उद्धव को डबल नुकसान

मालूम हो कि उद्धव ठाकरे की पार्टी को पिछले कुछ वक्त में कई झटके लगे हैं। इसी साल जून में उनके छह सांसदों ने पाला बदलकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थामा था। इसके चलते संसद में उद्धव की ताकत घट गई, उनके पास अब लोकसभा में केवल 3 सांसद बचे हैं, जबकि एकनाथ शिंदे गुट के सांसदों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। शिंदे गुट का यह भी दावा है कि उद्धव के कई विधायक भी उनके संपर्क में हैं। महाराष्ट्र की राजनीति पर नजर रखने वालों का कहना है कि शिवसेना UBT का उत्तर भारतीय वोट बैंक राज ठाकरे से हाथ मिलाने के चलते पहले से प्रभावित है। ऐसे में आनंद दुबे का पार्टी छोड़ना शिवसेना के लिए नुकसानदायक होगा। मुंबई के उत्तर भारतीय समुदाय के बीच दुबे लोकप्रिय हैं। ऑटो चालकों के मुद्दे पर जिस तरह उन्होंने सरकार से सवाल किए, वो पार्टी का कोई दूसरा नेता नहीं कर पाया।

क्या बीजेपी में जाएंगे दुबे?

महाराष्ट्र, खासकर मुंबई में राज ठाकरे की मनसे भाषा के नाम पर गैर-मराठियों से मारपीट करती आई है। राज्य में भाजपा की सरकार है, लेकिन राज ठाकरे पर शिकंजा कसने की कोशिश कभी मन से नहीं हुई। इसे लेकर उत्तर भारतीयों में बीजेपी के प्रति भी आक्रोश पनपता रहा है। ऐसे में उद्धव ठाकरे की शिवसेना गैर मराठी वोटरों के लिए एक अच्छा विकल्प थी। लेकिन उद्धव के राज ठाकरे से हाथ मिलाने के चलते इस ‘विकल्प’ पर प्रश्न चिन्ह लग गया। सूत्रों के मुताबिक, आनंद दुबे के भाजपा में जाने की संभावना काफी ज्यादा है। दुबे कई मौकों पर पीएम मोदी की कार्यशैली की तारीफ कर चुके हैं। भाजपा के लिए भी उनका साथ फायदे का सौदा रहेगा। हल्लेबाज प्रवक्ताओं की भीड़ में आनंद दुबे शांति के साथ अपनी बात रखने के लिए पहचाने जाते हैं। वह महाराष्ट्र में बीजेपी से छिटककर दूर जा चुके उत्तर भारतीयों को पार्टी से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

आनंद दुबे टीवी पर काफी सक्रिय रहते हैं। लगभग हर रोज उन्हें किसी न किसी डिबेट में हिस्सा लेते देखा जा सकता है। लेकिन बीते कुछ दिनों से वह लगभग गायब हैं। इससे इन कायसों को बल मिलता है कि उन्होंने शिवसेना UBT से अलग होना का फैसला कर लिया है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में अब तक कोई बयान जारी नहीं किया है।