समाचार

राजस्थान का कुछ मॉडल तमिलनाडु को आया पसंद : अरुण चतुर्वेदी

अरुण चतुर्वेदी ने राजस्थान पत्रिका से विशेष वार्ता में इस आशय की जानकारी दी। उन्होंने तमिलनाडु के दौरे को बेहद ही लाभप्रद बताया।
2 min read
Aug 08, 2026
Rajasthan Finance Commission

चेन्नई.राजस्थान के सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी, सदस्य सचिव नरेश कुमार ठकराल एवं सलाहकार ने तीन दिवसीय तमिलनाडु दौरे पर तमिलनाडु सरकार की बेस्ट प्रैक्टिस (अच्छे कार्य व आदतें) को जाना और समझा। साथ ही राजस्थान में लागू गुड प्रैक्टिस से अवगत कराया। दोनों ही ओर से वैचारिक आदान-प्रदान के बीच नई योजनाएं लागू करने का आधार विकसित हुआ।

अरुण चतुर्वेदी ने राजस्थान पत्रिका से विशेष वार्ता में इस आशय की जानकारी दी। उन्होंने तमिलनाडु के दौरे को बेहद ही लाभप्रद बताया।

उनके अनुसार इस अध्ययन दौरे के दौरान तमिलनाडु के शहरी स्थानीय निकायों और ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों तथा उनकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।

विभिन्न विकास परियोजनाओं का किया अवलोकनप्रतिनिधिमंडल ने जमीनी स्तर पर खादर नवाज खान रोड व चेटपेट बायो-सीएनजी प्लांट का अवलोकन, बेसिन ब्रिज गौशाला का निरीक्षण, कोडंगयूर बायो माइनिंग डंपयार्ड, चेन्नई कॉर्पोरेशन की एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना, तिरुमईसई टाउन पंचायत एसटीपी व ठोस कचरा प्रबंधन कार्य, चेम्बरमबाक्कम पेयजल आपूर्ति संयंत्र, चेंगलपेट (मन्नीवाक्कम) में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ऑनलाइन कर संग्रहण प्रक्रिया, मरैमलै नगर माइक्रो कंपोस्ट केंद्र और एसटीपी का निरीक्षण किया।

वित्तीय पहलुओं और बेस्ट प्रैक्टिसेस का आदान-प्रदान

अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि राज्य सरकार के वित्त विभाग के विशिष्ट शासन सचिव, संयुक्त शासन सचिव तथा राज्य बजट अधिकारी के साथ दोनों राज्यों के वित्तीय पहलुओं पर गहन चर्चा की। इस परस्पर संवाद के दौरान राजस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने भी राजस्थान राज्य में अपनाई जा रही उत्कृष्ट गतिविधियों और बेस्ट प्रैक्टिसेस की जानकारी तमिलनाडु वित्त आयोग को दी।इस तीन दिवसीय दौरे में शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के सुचारू संचालन, वित्त प्रबंधन, संचालनगत समस्याओं और अन्य संबंधित विषयों पर दोनों राज्यों के बीच विस्तृत जानकारी का आदान-प्रदान किया गया।

गौशाला व कचरा प्रबंधन

राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि उनको चेन्नई कॉर्पोरेशन की ओर से संचालित गौशालाओं, ठोस कचरा प्रबंधन और बायो माइनिंग जैसे कार्य काफी आकर्षक लगे। ये मॉडल राजस्थान में भी लागू किए जा सकते हैं। उसी तरह तमिलनाडु सरकार ने राजस्थान में पंचायत स्तर पर करों व वित्तीय अंशदान को लेकर अपनाए जा रहे मॉडल की प्रशंसा की। राजस्थान बालिका शिक्षा को प्रमोट करने वाले पंचायतों को प्राथमिकता देता है। यह नीति तमिलनाडु सरकार को पसंद आई है। इसके अलावा परफॉर्मेंस आधारित डिवॉल्यूशन के मॉडल को भी सराहा गया है।

Updated on:
08 Aug 2026 01:07 pm
Published on:
08 Aug 2026 01:07 pm