चौकी क्षेत्र में 25 गांव, अपराध और सड़क हादसों की संख्या अधिक
आबूरोड . सदर थानांतर्गत गिरवर पुलिस चौकी का क्षेत्र आबूरोड रीको थाना क्षेत्र से काफी बड़ा है। चौकी क्षेत्र में अपराध व सड़क हादसों की संया अधिक है। बावजूद इसके आदिवासी बहुल दूर-दराज में अरावली की पहाड़ियों से लगते गांवों तक की सुरक्षा का जिमा संभालने वाली इस चौकी को थाने में क्रमोन्नत नहीं किया जा रहा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण चौकी को थाने में परिवर्तित करने की मांग कर रहे हैं, जिससे चौकी अंतर्गत 30 किलोमीटर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सके।
जानकारी के अनुसार गिरवर चौकी स्थापित हुए करीब तीस साल हो चुके हैं। यहां सहायक उप निरीक्षक समेत छह पुलिसकर्मी तैनात है। करीब 20 साल पहले पुलिस विभाग ने चौकी को थाने में क्रमोन्नत करने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब तक प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिली है।
चौकी क्षेत्र में मारपीट, बलात्कार, हत्या, लूट व सड़क हादसों समेत अपराध के अन्य मामलों की संया अधिक है। चौकी क्षेत्र से आबूरोड-रेवदर स्टेट हाइवे गुजर रहा है, जहां से दिन और रात में वाहनों का आवागमन होता रहता है। बड़ी संया में गुजरात की तरफ से यात्री व पर्यटक गुजरते हैं। बीते महिनों में ही मार्ग पर लूटपाट व पत्थरबाजी की कई घटनाएं हो चुकी है। पत्थर लगने से कुछ लोग घायल भी हो चुके है। पुलिस ने अपराध के अलग-अलग प्रकरणों में कई अपराधियों को गिरतार भी किया है।
चौकी पर काफी संया में महिलाओं से जुड़े मामले आते हैं। पीड़ित महिलाएं अपनी समस्या को महिला कांस्टेबल को आसानी से बता सकती है। महिला कांस्टेबल पूछताछ भी कर सकती है, लेकिन चौकी में महिला कांस्टेबल नहीं होेने से महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुरुष पुलिसकर्मी महिलाओं से पूछताछ के मामलों में कानूनी सीमाओं में बंधे हैं।
गिरवर चौकी क्षेत्र में 9 ग्राम पंचायतों के 25 गांव हैं। इन गांवों में पहाड़ों पर बसी कई फलियां भी है। गुजरात सीमा भी नजदीक है। आबूरोड के पास गणका गांव के निकट तक चौकी की सीमा है। इतने विस्तृत क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ छह पुलिसकर्मियों के भरोसे हैं।
गिरवर चौकी के अधीन दो दर्जन से अधिक गांव हैं। जिला शांति समिति की बैठक में कई बार चौकी को थाने में क्रमोन्नत करने की मांग की है।
गणेशराम, सदस्य, जिला शांति समिति, सिरोही
गिरवर चौकी क्षेत्र में गांव काफी दूर है। घटना होेने पर पुलिस को मौके पर पहुंचने में समय लग जाता है। क्षेत्र के ग्रामीण चाहते हैं क्षेत्र में शीघ्र थाना स्थापित किया जाए। इससे क्षेत्र की सुरक्षा सुदृढ़ होगी।
लखमाराम गरासिया, पूर्व सरपंच, चंडेला