नियमित नियुक्तियां नहीं होने के कारण उच्च शिक्षा संस्थानों में लगभग 60 प्रतिशत तक शिक्षकों की कमी है। इस स्थिति से निपटने के लिए कॉलेज शिक्षा विभाग में 12 हजार तथा तकनीकी शिक्षा विभाग में 2,500 अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
हुब्बल्ली. उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. एम.सी. सुधाकर ने कहा कि राज्य के सरकारी डिग्री कॉलेजों में लंबे समय से लंबित प्राचार्य नियुक्ति प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है।
इस बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए सुधाकर ने कहा कि प्रदेश के 310 डिग्री कॉलेजों में प्राचार्यों की नियुक्ति शीघ्र पूरी की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि वर्षों से नियमित नियुक्तियां नहीं होने के कारण उच्च शिक्षा संस्थानों में लगभग 60 प्रतिशत तक शिक्षकों की कमी है। इस स्थिति से निपटने के लिए कॉलेज शिक्षा विभाग में 12 हजार तथा तकनीकी शिक्षा विभाग में 2,500 अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
डॉ. सुधाकर ने कहा कि राजनीतिक कारणों से राज्य में आवश्यकता से अधिक विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं, जिसके चलते कई संस्थानों की स्थिति दयनीय हो गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्नाटक में विदेशी विश्वविद्यालयों के मॉडल को अपनाना संभव नहीं है, क्योंकि वहां शिक्षा ऊंची फीस पर आधारित है, जबकि राज्य सरकार का उद्देश्य कम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कदम उठा रही है। प्राचार्य और शिक्षकों की नियुक्ति से कॉलेजों की शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिलेगा।
सरकार का दावा है कि नई नियुक्तियों से उच्च शिक्षा संस्थानों में लंबे समय से चली आ रही कमी दूर होगी और शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ बनेगी।