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बसंती चौक क्षेत्र स्कूल में सहपाठी था प्रेमी जोड़ा

-पहेली बना झगड़ा: बठिंडा में हितेश-कशिश हत्याकांड, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द

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श्रीगंगानगर। बठिंडा में प्रेमी-प्रेमिका हत्याकांड में पंजाब पुलिस ने नया खुलासा किया है। ये दोनो श्रीगंगानगर के एक कॉन्वेंट स्कूल में सहपाठी थे। तब दोनों में दोस्ती प्यार में बदल गई। बठिंडा के परसराम नगर निवासी युवती कशिशकी गोली मारकर बाद में खुद को गोली मारकर खुदकुशी करने के मामले में पुलिस ने पुरानी आबादी श्रीगंगानगर निवासी 22 वर्षीय मृतक युवक हितेश अरोड़ा पर हत्या व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मृतक युवती की मां मोनिका रानी के बयानों पर की है। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन के रिकॉर्ड के अलावा उनकी चेट या मैसेज की जांच करवाने की कोशिश करेगी ताकि स्पष्ट हो सके कि उनके बीच क्या बातचीत हो रही थी और कौन सी बात उनके बीच विवाद का कारण बनी।
मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
रविवार को पलिस ने दोनों लाशों का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सुपुर्द कर दिया है, लेकिन पुलिस और मृतकों के परिजनों को अभी तक यह नहीं पता चल सका है कि शनिवार को दोनों के बीच किस बात को लेकर झगड़ा हुआ कि उन्होंने इतना खतरनाक कदम उठा लिया। फिलहाल पुलिस ने इस गुत्थी को सुझलाने के लिए दोनों के मोबाइल फोन के रिकार्ड के अलावा उनके मैसेज की जांच कर रही है, ताकि उनके बीच लड़ाई होने की वजह का पता लगाया जा सके। वहीं, पुलिस वारदात में इस्तेमाल किए पिस्टल के अवैध या वैध होने की जांच कर रही है। मृतक युवती अपने घर की इकलौती बेटी थी, जोकि पिछले 15 साल अपनी मां के साथ बठिंडा में एक किराये के मकान में रह रही थी, जबकि मृतक युवक भी अपने परिवार का इकलौता बेटा था, जबकि उसकी दो बहनें है।
बठिंडा में मृतका की मां कैफे संचालक
कैनाल कॉलोनी पुलिस को शिकायत देकर मोनिका निवासी पटेल नगर अबोहर जिला फाजिल्का हाल आबाद किरायेदार गली नंबर 29बी परसराम नगर बठिंडा ने बताया कि उसकी शादी साल 2016 में अबोहर निवासी भारत भूषण के साथ हुई थी, जबकि उसकी बेटी कशिश का जन्म साल 2007 में हुआ था। बेटी के जन्म के तीन साल बाद यानि 2010 में वह अपने पति के साथ अलग होकर बठिंडा में एक किराये के मकान में रहने लगी थी। उसने ही अपनी बेटी की परविश की और उसे पढ़ा लिखा है, जबकि वह बठिंडा के परसराम नगर में एक कैफे चलाने का काम करती है।

पांच साल पहले पढ़ने श्रीगंगानगर आई थी क​शिश

पीड़िता के अनुसार उसकी बेटी कशिश साल 2020 से श्रीगंगानगर के बसंती चौक के पास कॉन्वेट स्कूल में पढ़ाई कर रही थी और वहां पीजी में रहती थी। पढ़ाई के दौरान आरोपित युवक हितेश अरोड़ा के साथ के साथ जान-पहचान हो गई और उनके बीच दोस्ती हो गई। जिसके चलते वह दोनों एक- दूसरे से फोन पर बातचीत करते थे, जबकि आरोपित हितेश अरोड़ा उसकी बेटी कशिश को मिलने के लिए अक्सर उनके घर पर आता-जाता था। उसने बताया कि हितेश व उसकी बेटी के बीच दोस्ती के बारे में आरोपित युवक के परिवार को पूरी जानकारी थी।

गोली लगने से पहले दोनों के बीच हुई थी लड़ाई
मोनिका के अनुसार हररोज की तरह शनिवार को वह भी अपने कैफे पर चली गई और उसकी बेटी कशिश घर पर अकेली मौजूद थी। दोपहर को जब वह अपने कैफे से घर वापस लौटी, तो देखा कि आरोपित हितेश अरोड़ा घर के कमरे में मौजूद था और वह उसकी बेटी कशिश के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा कर रहा था। जिसके बाद देखते ही देखते हितेश ने अपनी पिस्टल निकाली और उसकी बेटी के सीधे माथे पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी और उसके तुरंत बाद ही उसने अपनी किन पट्टी पर पिस्टल लगाकर खुद को भी गोली मार ली। जिसके बाद दोनों ही बच्चे खून से लथपथ कमरे में गिर पड़े थे और उसने तुरंत आसपास के लोगों को एकत्र कर अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। मोनिका ने बताया कि दोनों के बीच किस बात को लेकर झगड़ा हो रहा था, इसके बारे में उसे भी कोई जानकारी नहीं है, चूकिं वह घटना के समय घर के दूसरे कमरे में थी।

Updated on:
04 May 2025 11:49 pm
Published on:
04 May 2025 11:48 pm
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