– बारिश के पानी के साथ झील में फिर न उतर आए अजमेर. करीब तीन माह में करोड़ों रुपए खर्च कर दर्जनों मशीनों व मानवीय श्रम के जरिए नगर निगम ने भले ही आनासागर को जलकुंभी से मुक्त कर दिया हो लेकिन अभी भी बांडी नदी से झील के आवक मार्ग में जलकुंभी का जाल फैला हुआ […]
- बारिश के पानी के साथ झील में फिर न उतर आए
अजमेर. करीब तीन माह में करोड़ों रुपए खर्च कर दर्जनों मशीनों व मानवीय श्रम के जरिए नगर निगम ने भले ही आनासागर को जलकुंभी से मुक्त कर दिया हो लेकिन अभी भी बांडी नदी से झील के आवक मार्ग में जलकुंभी का जाल फैला हुआ है। आने वाले समय में बारिश होने पर बांडी नदी का ओवरफ्लो पानी झील में आने से इसके साथ जलकुंभी के फिर से झील में फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। निगम प्रशासन को इसी सप्ताह झील के पुष्कर रोड वाले छोर से जलकुंभी निकालना चुनौती बना हुआ है।
नागपुर से 18 जून को आएगी टीम
आनासागर झील में जलकुंभी की समस्या के स्थायी निदान की कवायद शुरू हो गई है। 18 जून को नागपुर से एन्वायरमेंट इंजीनियरिंग की टीम यहां पहुंचेगी। झील का मुआयना कर इसमें बार-बार पैदा होने वाली जलकुंभी के कारणों का पता लगाएगी।अजमेर नगर निगम टीम, जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग आदि सक्रिय हो गए हैं। निगम के अधिशाषी अभियंता मनोहर सोनगरा ने बताया कि नागपुर की पर्यावरण इंजीनियरिंग की टीम झील का मुआयना, आवक मार्गों आदि मुद्दों पर चर्चा कर रिपोर्ट तैयार करेगी। जिसके आधार पर निगम प्रशासन आगामी कार्रवाई करेगा।
करीब तीन माह चला अभियान
20 मार्च से अनवरत - आनासागर झील से जलकुंभी निकालने का अभियान
- 12550 डंपर जलकुंभी झील से बाहर निकाली