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नहीं सुधरे हालत, जनता को खतरे में छोड़ा

शहर में खतरे का सबब बने ट्रांसफार्मरों की सुध नहीं ली जा रही। ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा पुख्ता करने को लेकर अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। यहीं वजह है कि मानसून दस्तक दे चुका है, लेकिन शहर में सैकड़ों ट्रांसफार्मर मौत को आमंत्रण दे रहे हैं। मवेशियों पर संकट ज्यादा है।
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Updated: 8 Jul 2024, 12:28 PM IST
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भीलवाड़ा. शहर में खतरे का सबब बने ट्रांसफार्मरों की सुध नहीं ली जा रही। ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा पुख्ता करने को लेकर अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। यहीं वजह है कि मानसून दस्तक दे चुका है, लेकिन शहर में सैकड़ों ट्रांसफार्मर मौत को आमंत्रण दे रहे हैं। मवेशियों पर संकट ज्यादा है। इसका कारण ट्रांसफार्मर पर दौड़ते करंट से बचाव के लिए सुरक्षा दीवार का नहीं होना है।

इससे आमजन और मवेशियों को इससे दूर रखा जा सकें। खासतौर बारिश के समय खतरा ज्यादा रहता है। इन सबके बावजूद डिस्कॉम अफसर और सिक्योर कम्पनी अभी भी नींद में है। यहीं नहीं ट्रांसफार्म पर लगे फ्यूज वायर तक लटक रहे है। इनको तक ठीक नहीं किया गया है। गली-मोहल्ला दूर बाजार तक में ट्रांसफार्मरों के यहीं हालात है। ट्रांसफार्मर पर फेंसिंग कराने की जरूरत है। इसे लेकर सामाजिक संगठन और आमजन ने आवाज भी मुखर की। लेकिन अफसरों के कान में अब तक जूं तक नहीं रेंगी है।

Updated on:
8 Jul 2024, 12:28 PM IST
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