पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के जरिए जिन 32 बांधों में पानी आएगा, उसमें अलवर का जयसमंद बांध भी शामिल हो गया है। सरकार की इस महत्वपूर्ण योजनाओं को देखते हुए ही प्रशासन भी जयसमंद बांध की निगरानी से लेकर अतिक्रमण पर नजर बनाए हुए है।
पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के जरिए जिन 32 बांधों में पानी आएगा, उसमें अलवर का जयसमंद बांध भी शामिल हो गया है। सरकार की इस महत्वपूर्ण योजनाओं को देखते हुए ही प्रशासन भी जयसमंद बांध की निगरानी से लेकर अतिक्रमण पर नजर बनाए हुए है। कई किसान यहां खेती करते हैं। ऐसे में फसल कटते ही अतिक्रमण हटाया जाएगा। एक प्रशासनिक अफसर का कहना है कि जयसमंद में पानी स्टोर होगा, जिसके जरिए काफी एरिया में पानी सप्लाई होगी।
इन बांधों में आएगा पानी
ईआरसीपी के जरिए अलवर समेत 13 जिलों को पानी सप्लाई होगी। इसमें खैरथल-तिजारा भी आएगा।प्रदेश की 2.80 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। करीब 25 लाख किसान परिवारों को सिंचाई का पानी मिलेगा। इस पानी का कैसे स्टोर किया जाएगा, इस पर मंथन शुरू हो गया है। सरकार अपने स्तर से व इंजीनियरों की टीम के जरिए ये सभी संभावनाएं तलाश रही है। प्रदेश की 40 फीसदी आबादी को पेयजल आपूर्ति इसके जरिए करने का दावा है। ऐसे में पानी स्टोर करने के लिए 32 बांध देखे गए हैं। जयपुर का रामगढ बैराज, महलपुर बैराज, नवनैरा बैराज, मेज बैराज, राठौड़ बैराज, डूंगरी बांध आदि शामिल हैं। साथ ही नए बन रहे 26 बांधों को भी इसमें शामिल किए जाने की योजना है। इसी के तहत अलवर का जयसमंद बांध आएगा।
एक बार बांध भरेगा तो होगी 6 माह सप्लाई
अलवर शहर की करीब साढ़े चार लाख आबादी को जयसमंद के जरिए ही पानी मिलेगा। इसके अलावा बल्लाना, केसरपुर, दादर, बुर्जा, उमरैण आदि क्षेत्रों के भी हजारों परिवारों को पानी सप्लाई जयसमंद बांध के जरिए ही होगी। इस बांध की भराव क्षमता 17 फीट से ज्यादा है। बताते हैं कि एक बार बांध का भराव होने पर 6 माह पानी की सप्लाई हो सकेगी।