
breaking: TMC Crisis: विधानसभा चुनावों में हार के बाद से ममता बनर्जी का बूरा दौर शुरू हो गया है। पहले सालों की सत्ता हाथों से गई और अब उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) भी टुकड़े-टुकड़े होने लगी है। टीएमसी के कई नेता बगावत पर उतर आए है और कुछ ही दिनों में एक के बाद एक तीन सांसद अपने पदों से इस्तीफा दे चुके है। लेकिन इसी बीच पार्टी की लोकसभा सांसद प्रतिमा मंडल ने ममता बनर्जी का साथ न छोड़ने का दावा किया है। पार्टी के कुछ सांसदों द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने के दावों से प्रतिमा ने खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने बागी गुट को चुनौती देते हुए साफ कहा है कि अगर 20 सांसदों के समर्थन वाला कोई लैटर है तो उसे सार्वजनिक किया जाए।
प्रतिमा मंडल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके खिलाफ फैलायी जा रही खबरें पूरी तरह फेक न्यूज हैं। उन्होंने कहा कि लोगों ने उन्हें जुडवा फूल चुनाव चिन्ह पर भरोसा करके संसद भेजा हैं और वह उस जनादेश के साथ किसी भी तरह का धोखा नहीं करेंगी। मंडल ने कहा कि अगर उनके पास 20 सांसदों के साइन वाला लैटर है तो उसे मीडिया के सामने दिखाएं। मेरा नाम उसमें है या नहीं, यह भी साफ हो जाएगा। बिना सबूत के लोगों को गुमराह करना बंद करें।
TMC सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पिछले कई दिनों से कोलकाता में हैं और दिल्ली गई तक नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ सांसदों ने उन्हें दिल्ली आने के लिए कहा था, लेकिन किसी मीटिंग का स्पष्ट एजेंडा नहीं बताया गया। प्रतिमा मंडल ने कहा कि उस समय पार्टी के कई विधायक बगावत कर रहे थे, इसलिए वह सांसदों के साथ बैठक कर पार्टी को एकजुट रखने पर चर्चा करना चाहती थी। हालांकि, उन्हें जो बातें बतायी गईं, वह उन्हें उचित नहीं लगीं और इसी वजह से उन्होंने दिल्ली जाने से इनकार कर दिया।
प्रतिमा मंडल ने बागी सांसदों के दावे पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को कोई समर्थन पत्र भेजा गया है तो उसकी कॉपी सामने लानी चाहिए। मंडल ने कहा कि बिना प्रमाण के इस तरह की बातें फैलाने का मकसद केवल भ्रम पैदा करना है। उन्होंने यह भी दोहराया कि वह ममता बनर्जी के नेतृत्व में पूरी तरह एकजुट हैं और 2029 तक जनता के बीच उसी विश्वास के साथ काम करती रहेंगी। दरअसल, TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया था कि करीब 20 सांसदों ने NDA को समर्थन देने के लिए लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा है। हालांकि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि पार्टी पूरी तरह ममता बनर्जी के नेतृत्व में एकजुट है।