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अमरीका में बसे बिट्स एलुमनाई दंपति ने दिए 4 मिलियन डॉलर

Feb 07, 2026
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छात्राओं पर विशेष फोकस, पूर्व छात्र के अनुदान से समावेशी शिक्षा को मिलेगी मजबूती

जयपुर. इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस, बिट्स पिलानी को अमेरिका स्थित दंपति, चांद पी गर्ग (1968 बैच) और उनकी पत्नी मंजू गर्ग ने 4 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान दिया है। यह संस्थान को किसी पूर्व छात्र द्वारा दिया गया अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत योगदान है। बिट्स पिलानी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट चांद गर्ग अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में एक मंझे हुए उद्यमी हैं। वो अपनी व्यवसायिक सफलता और आजीवन सीखने की नींव बनाने का श्रेय बिट्स में मिली शिक्षा को देते हैं।
इस अनुदान के माध्यम से गर्ग दंपति का लक्ष्य हर साल 16 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सहयोग देना है। वित्तीय रूप से कमजोर पृष्ठभूमि की छात्राओं को सहयोग देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि ये छात्राएं बिट्स पिलानी में अपनी शिक्षा जारी रखते हुए उसे पूर्ण कर सकें। गर्ग ने बिट्स पिलानी को अपने सफर का ‘शुरुआती बिंदु’ कहा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनके इस अनुदान से काबिल विद्यार्थियों को वही परिवर्तनकारी अवसर मिल सकेंगे, जिनसे उनके जीवन को दिशा मिली।

मिशन को मजबूती
कुलपति, प्रो. वी. रामगोपाल राव ने कहा, उनकी इस दरियादिली के स्थायी परिणाम मिलेंगे और प्रतिभाशाली विद्यार्थी वित्तीय बाधाओं के बाद भी बिट्स में अपनी शिक्षा जारी रख सकेंगे। पूर्व छात्रों द्वारा इस तरह के उदारतापूर्ण योगदान से शैक्षणिक उत्कृष्टता को समावेशी बनाने और सभी तक पहुंचाने के हमारे मिशन को मजबूती मिलती है।

बिट्स पिलानी का ऋणी
गर्ग ने कहा, ‘मैं खुद को बिट्स पिलानी का ऋणी महसूस करता हूँ। मैंने जीवन में जो कुछ भी हासिल किया है, उसकी शुरुआत बिट्स पिलानी में मिली शिक्षा से ही हुई है। मेरा और मेरी पत्नी का मानना है कि इस अनुदान के माध्यम से हम साधनों को सही जगह पहुचा रहे हैं, ताकि वित्तीय रूप से जरूरतमंद काबिल विद्यार्थियों को वही परिवर्तनकारी शिक्षा मिल सके, जिसने मेरे जीवन को आकार दिया। पिलानी परिसर के डॉयरेक्टर, प्रो. सुधीरकुमार बराई ने कहा, ‘यह ऐतिहासिक योगदान बिट्स पिलानी के पूर्व छात्रों का अपने संस्थान से गहरा और स्थायी संबंध प्रदर्शित करता है।

Updated on:
07 Feb 2026 01:01 am
Published on:
07 Feb 2026 01:01 am