37 वर्ष की उम्र में देश की सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने वाली शिनावात्रा बुआ यिंगलक के बाद इस पद पर दूसरी महिला होंगी।
बैंकाक. थाईलैंड की संसद ने पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन की बेटी पैतोंगतार्न शिनावात्रा को प्रधानमंत्री के रूप में चुना है। 37 वर्ष की उम्र में देश की सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने वाली शिनावात्रा बुआ यिंगलक के बाद इस पद पर दूसरी महिला होंगी। शिनावात्रा का चयन पूर्व प्रधानमंत्री श्रेथा थाविसिन को संवैधानिक न्यायालय द्वारा बर्खास्त किए जाने के दो दिन बाद हुआ है। दोनों फेउ थाई पार्टी से हैं, जो 2023 के चुनाव में दूसरे स्थान पर आई थी, लेकिन उसने सत्तारूढ़ गठबंधन बनाया।
परिवार की चौथी सदस्य
पिछले दो दशकों में प्रधानमंत्री बनने वाली शिनावात्रा परिवार की चौथी सदस्य हैं। उनके पिता थाकसिन को 2006 में सैन्य तख्तापलट के जरिए हटाया गया। थाकसिन के बहनाई सोमचाई वोंगसावत 2008 और उनकी बहन ङ्क्षयगलक शिनावात्रा 2011 से 2014 तक पीएम रहीं। दोनों को अदालती फैसलों के कारण हटना पड़ा। पैतोंगतार्न थाकसिन की तीन संतानों में सबसे छोटी हैं।
2021 में राजनीति में आईं, पार्टी प्रमुख बनीं
2021 में पिता की फ्यू थाई पार्टी से सियासी यात्रा शुरू की। पिछले साल पार्टी की प्रमुख बनीं। गर्भवती होने के बावजूद लगातार रैलियां करती रहीं, इससे उनकी छवि उभरकर आई। वह 17 व
चुनौतीभरा ताज
पैतोंगतार्न के सामने चुनातियों का अंबार है। थाईलैंड की ठप पड़ी अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करने, सैन्य तख्तापलट और अदालती हस्तक्षेप से बचने का कठिन काम उन्हें पूरा करना है। ये ऐसी चुनौतियां हैं, जिसके चलते उनकी पार्टी के नेतृत्व वाली चार पूर्ववर्ती सरकारें गिर गई थीं।
याद है तख्तापलट के कड़वे अनुभव
2006 में पिता को सत्ता से बेदखल करने के बाद सेना के टैंक शहर में घुस आए थे। कॉलेज के साथी भी उनके दुश्मन बन गए थे। इसके बाद होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए ब्रिटेन चली गई थीं। परिवार के रेंडे होटल ग्रुप में काम किया।