समाचार

आपकी बात… सरकारी स्कूलों में नामाकंन बढ़ाए जाने के लिए क्या प्रयास होने चाहिए?

पाठकों ने इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं भेजी हैं। प्रस्तुत हैं पाठकों के कुछ जवाब

2 min read
Feb 27, 2025
फाइल फोटो

संसाधनों की कमी नहीं हो
सरकारी स्कूलों में नामांकन में वृद्धि होना एक चुनौती है। इसको बढ़ाने के लिए सबसे मुख्य प्रयास तो विद्यालयों में संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए। उनको विद्यालय स्तर पर आपसी सहयोग से कुछ राशि एकत्रित कर, नव प्रवेशी बालकों को अल्प राशि की एफडी देकर नामांकन बढ़ा सकते हैं। भामाशाहों के प्रयासों से विद्यालय में गरीब बालकों के लिए निशुल्क जूते और गर्म कपड़ों का वितरण करवाकर बच्चों को आने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। - निर्मला देवी वशिष्ठ राजगढ़ अलवर

सरकारी स्कूल 'गुणवत्ता' सिद्धांत अपनाएं
शिक्षा, बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों की पर्याप्त संख्या, आधुनिक शिक्षण तकनीक, मध्याह्न भोजन आदि की यदि सरकारें बतौर प्राथमिकता गुणवत्ता बढ़ाएंगी तो सरकारी स्कूलों में नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। सरकारी स्कूलों में परिवहन की सुविधा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में निजी स्कूलों के समान उपलब्ध हो। मुफ्त वर्दी, किताबें, बैग, स्टेशनरी, छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता की योजनाएं सरकार लागू करें। सरकारें शिक्षा बजट बढ़ाएं और भ्रष्ट शिक्षकों को तत्काल निलंबित करें। सच्चे और अच्छे शिक्षकों को ही पुरस्कृत करें और पदोन्नत करें। - मुकेश भटनागर, भिलाई

साफ-सुथरी कक्षाएं होनी चाहिए
वर्तमान में निजी स्कूलों की बढ़ती लोकप्रियता के कारण भी सरकारी स्कूलों में बच्चों के नामांकन में कमी आ रही है। माता-पिता बच्चों की पढ़ाई के लिए निजी स्कूलों को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि निजी स्कूल अध्ययन-अध्यापन की आधुनिक सुविधाएं से लैस होते हैं, यहाँ अंग्रेजी माध्यम में अध्ययन का विकल्प मिल जाता है और इन स्कूलों में सुरक्षा, स्वच्छता एवं निगरानी के साथ व्यक्तिगत ध्यान देने की उचित व्यवस्था होती है। यदि सरकारी स्कूल भी माता-पिता की इन मांगों पूरा कर देते हैं, तो निश्चित ही सरकारी स्कूलों में नामांकन को फिर से बढ़ाया जा सकता है। - मोहम्मद ज़ुबैर, कानपुर

स्मार्ट क्लास रूम बनाएं
आज का युग टेक्नोलॉजी का युग है स्कूलों में टेक्नोलॉजी का सही उपयोग करके शिक्षा की गुणवत्ता को ओर भी बढ़ाया जा सकता है स्कूलों में कक्षाओ को स्मार्ट क्लास रूम मैं बदलने से विद्यार्थियों के लिए शिक्षा सरल और रोचक बनेगी। स्कूलों में कई प्रकार के खेल आदि अन्य प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन होना चाहिए, जिससे बच्चों का शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास हो सके। स्कूलों के बुनियादी ढांचे, स्वच्छता,अनुशासन पर ध्यान दिया जाना चाहिए। - शालिनी बोहरा, नागौर

बुनियादी सुविधाएं देनी चाहिए
विद्यालय में बच्चों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जैसे पुस्तकालय, खेल मैदान, शौचालय एवं स्वच्छ पेयजल आदि के साथ-साथ शिक्षा की गुणात्मक गतिशीलता को बढ़ाते हुए विद्यार्थियों के सीखने में बुनियादी ढांचे का विकास करना चाहिए एवं सरकार द्वारा दी जाने वाली निशुल्क यूनिफॉर्म जैसी सुविधा भी प्रवेशोत्सव के दौरान ही संपादित करनी चाहिए। - श्रीकिशन तेतरवाल

Published on:
27 Feb 2025 04:22 pm
Also Read
View All

अगली खबर