
Foreign language studies: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में अब विदेशी भाषाओं की पढ़ाई का विकल्प भी मिलेगा। विश्वविद्यालय में भारतीय एवं विदेशी भाषा केंद्र खोलने की तैयारी है। प्रस्ताव के तहत शैक्षणिक सत्र 2027-28 से जर्मन, फ्रेंच, जापानी सहित छह भाषाओं की पढ़ाई शुरू करने की योजना है। अगले तीन सत्रों में चरणबद्ध तरीके से 15 भारतीय और विदेशी भाषाओं को शामिल करने का प्रस्ताव है। इससे दुर्ग संभाग के विद्यार्थियों को भाषा प्रशिक्षण के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम करने का अवसर मिलेगा।
पहले चरण में फ्रेंच, जर्मन, जापानी, छत्तीसगढ़ी, ओडिय़ा और मराठी भाषा के पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है। दूसरे चरण में सत्र 2028-29 से रूसी, स्पेनिश और तेलुगू या बांग्ला को शामिल करने का प्रस्ताव है। तीसरे चरण में सत्र 2029-30 से कोरियाई, चीनी (मंदारिन), अरबी, तमिल और उर्दू की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी है। विवि के अनुसार, विदेशी भाषाओं के साथ भारतीय भाषाओं को भी महत्व दिया जाएगा।
जर्मन भाषा इंजीनियरिंग, वाहन निर्माण और मशीनरी क्षेत्र में अवसर तलाशने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकती है। फ्रेंच और स्पेनिश पर्यटन, होटल, अनुवाद तथा अंतरराष्ट्रीय कारोबार में मददगार हैं। जापानी और कोरियाई भाषा का ज्ञान तकनीकी कंपनियों, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में अवसर बढ़ा सकता है। वहीं, चीनी और अरबी भाषा अंतरराष्ट्रीय व्यापार तथा संबंधित सेवाओं में उपयोगी हो सकती हैं। भाषा प्रशिक्षण से विदेश में उच्च शिक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को भी लाभ मिल सकता है।
विवि को पाठ्यक्रमों की अवधि, फीस, प्रवेश प्रक्रिया, शिक्षकों की उपलब्धता और परीक्षा व्यवस्था तय करनी होगी। डिजिटल शिक्षण सुविधाओं सहित जरूरी संसाधनों की व्यवस्था भी की जाएगी। फिलहाल फीस और प्रवेश की शर्तों का निर्धारण नहीं हुआ है
रोजगार के लिहाज से विदेशी भाषाओं में दक्ष युवाओं की मांग है। विश्वविद्यालय में इन भाषाओं की पढ़ाई शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। आगामी प्रक्रिया में पाठ्यक्रम, अवधि और फीस निर्धारित की जाएगी।
डॉ. संजय तिवारी, कुलपति