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छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत, 1 नवंबर से दुर्ग-भिलाई की सड़कों पर उतरेंगी 20 ई-बसें

Electric Bus Service:छत्तीसगढ़ में 1 नवंबर 2026 से दुर्ग-भिलाई में 20 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने की तैयारी है। प्रस्तावित रूट में रायपुर बस स्टैंड, माना एयरपोर्ट, नया रायपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं।
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भिलाई

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Love Sonkar

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Oct 14, 2026

Electric Buses

दुर्ग-भिलाई की सडक़ों पर दौड़ेंगी 20 ई-बसें (Photo Patrika)

Electric Buses: दुर्ग-भिलाई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 50 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को राज्य शासन ने मंजूरी दी है। पहले चरण में छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस यानी एक नवंबर 2026 से 20 बसें चलाने की तैयारी है। इसके लिए रूट चार्ट भी तैयार किया गया है। प्रस्तावित मार्गों में दुर्ग से रायपुर, माना एयरपोर्ट, नया रायपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को जोडऩे की योजना शामिल है।

दुर्ग बनेगा प्रमुख परिवहन केंद्र

प्रस्तावित रूट चार्ट में दुर्ग रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड को प्रमुख केंद्र बनाया गया है। दुर्ग बस स्टैंड से बेरला, पावर हाउस, साजा और गंडई तक बसें चलाने की योजना है। वहीं, दुर्ग रेलवे स्टेशन से गुण्डरदेही, चंदूलाल अस्पताल, पाटन और उतई के लिए भी मार्ग प्रस्तावित हैं। दुर्ग बस स्टैंड से उतई तक सेवा शुरू करने की भी योजना है।

किराया और समय-सारिणी पर रहेगी नजर

इलेक्ट्रिक बसों से सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने और निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यात्रियों को इसका वास्तविक लाभ बसों की नियमित उपलब्धता, किराए, स्टॉपेज और समय-सारिणी पर निर्भर करेगा। पहले चरण में 20 बसों के संचालन के बाद शेष बसों को उतारने की योजना आगे बढ़ेगी।

एयरपोर्ट नया रायपुर तक कनेक्टिविटी

योजना के तहत दुर्ग रेलवे स्टेशन से रायपुर बस स्टैंड, माना एयरपोर्ट और नया रायपुर तक ई-बसें चलाने का प्रस्ताव है। इन सेवाओं से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को आवागमन में सहूलियत मिल सकती है।

निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने की उम्मीद

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का उद्देश्य केवल परिवहन सुविधा बढ़ाना ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल यातायात व्यवस्था को प्रोत्साहित करना भी है। ई-बसों से स्थानीय स्तर पर प्रदूषण कम करने और निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, इस सेवा की सफलता बसों की नियमित उपलब्धता, किराए, समय-सारिणी और रूट पर पर्याप्त स्टॉपेज जैसी सुविधाओं पर निर्भर करेगी। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए इन पहलुओं पर स्पष्ट व्यवस्था जरूरी होगी।