
भिलाई नगर निगम (photo Patrika)
Bhilai Municipal Corporation: नगर निगम भिलाई अब निजी एजेंसी के बजाय प्लेसमेंट कर्मियों के माध्यम से शहर की सफाई व्यवस्था संचालित करने की तैयारी में है। शुक्रवार को महापौर नीरज पाल की अध्यक्षता में हुई महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में आयुक्त सुरुचि सिंह के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। वर्तमान में सफाई ठेके पर सालाना 46.50 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। नई व्यवस्था में 1,887 कर्मचारियों से काम कराने की योजना है, जबकि अभी 2,237 श्रमिक कार्यरत हैं। निगम का दावा है कि इससे सालाना खर्च में करीब 6.50 करोड़ रुपए की कटौती होगी। हालांकि, प्रस्ताव शासन की मंजूरी के बाद ही लागू होगा। तब तक मौजूदा एजेंसी काम करती रहेगी।
निगम के साढ़े 52 वार्डों में श्रमिकों की संख्या 2,237 से घटाकर 1,887 करने का प्रस्ताव है। इससे करीब 350 कर्मचारी कम होंगे। सफाई व्यवस्था के लिए पहले 48 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जो लंबित है। अब खर्च कम करने के उद्देश्य से नई व्यवस्था तैयार की गई है।
नई व्यवस्था में प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए कर्मचारी उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि उनके कामकाज और निगरानी की जिम्मेदारी निगम अधिकारियों की होगी। व्यवस्था सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त वाहनों की जरूरत भी पड़ेगी। निगम ने इसके लिए शासन से वाहन खरीदने का प्रस्ताव भेजने की तैयारी की है।
प्रस्ताव के अनुसार, 1,887 कर्मचारियों के वेतन और सर्विस चार्ज पर सालाना 31.59 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सफाई सामग्री और ईंधन पर करीब 9.35 करोड़ रुपए का अनुमान है। इस तरह कुल खर्च 40.94 करोड़ रुपए बैठता है, जो प्रस्तावित 40 करोड़ रुपए से लगभग 94 लाख रुपए अधिक है। ऐसे में बचत के दावे और वास्तविक खर्च के आंकड़ों में अंतर स्पष्ट करना जरूरी होगा।
एसएलआरएम सेंटरों में कार्यरत 433 कर्मचारियों को नवंबर 2026 से मार्च 2027 तक काम पर रखने की स्वीकृति।
डॉ. बीआर आंबेडकर सर्व समाज मांगलिक भवन को 10 माह के लिए किराए पर देने का प्रस्ताव।
वार्ड-33, संतोषी पारा कैंप-2 हुडको के गार्डन का नाम रानी दुर्गावती वाटिका रखने की मंजूरी।
निगम क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटों के संचालन, संधारण और रखरखाव का कार्य।
111 रिक्त भूखंडों के लिए निविदा आमंत्रित करने की स्वीकृति।
शहर को जलभराव से राहत दिलाने आईआईटी भिलाई से अनुबंध कर डीपीआर तैयार कराने और शासन को भेजने का प्रस्ताव।
नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने पूर्व आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के कार्यकाल में सफाई कार्य कलेक्टर दर पर प्लेसमेंट कर्मियों से कराने की मांग की थी। उस समय प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली थी। अब आयुक्त सुरुचि सिंह के नए प्रस्ताव को एमआईसी की स्वीकृति मिल गई है। शासन की मंजूरी के बाद ही व्यवस्था लागू हो सकेगी।
प्लेसमेंट कर्मियों के माध्यम से सफाई कराने का प्रस्ताव आयुक्त ने रखा था। एमआईसी ने इसे मंजूरी देकर शासन को प्रेषित कर दिया है।
लक्ष्मीपति राजू, एमआईसी सदस्य, नगर निगम भिलाई
शहर की सफाई व्यवस्था पर होने वाले खर्च में कटौती की जा रही है। निगम प्लेसमेंट कर्मियों के माध्यम से खुद सफाई कार्य कराएगा। एमआईसी ने प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
Updated on:
10 Oct 2026 12:52 pm
Published on:
10 Oct 2026 12:36 pm
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