Rajnandgaon News: एक विकलांग महिला से मिलाने का बहाना बनाकर उन्हें कार में बैठाकर जबरन ले जाने लगी। इसी दौरान जिले में चल रही नियमित ट्रैफिक चेकिंग के दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोका गया।
Rajnandgaon News: पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी फुलबासन यादव को जबरन अगवा करने के प्रयास का खुलासा हुआ है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस पूरे मामले की मुख्य आरोपी बेमेतरा जिले के भिंभौरी गांव निवासी खुशबु साहू है, जिसकी महिला समूह से जुड़ी होने के कारण पीडि़ता से पूर्व पहचान थी।
खुशबु साहू आजीविका मिशन के फंड में टेंडर दिलाने और महिला समूह के दायरे को बढ़ाने के लिए फुलबासन यादव पर दबाव बनाना चाहती थी। इसी मंशा से उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची। पांच मई की सुबह खुशबु साहू अपने साथियों के साथ सुकुलदैहान स्थित फुलबासन यादव के घर पहुंची।
एक विकलांग महिला से मिलाने का बहाना बनाकर उन्हें कार में बैठाकर जबरन ले जाने लगी। इसी दौरान जिले में चल रही नियमित ट्रैफिक चेकिंग के दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोका गया। पूछताछ में आरोपियों ने फुलबासन यादव को बीमार बताकर गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति भांप ली।
फुलबासन यादव द्वारा संकेत मिलने पर पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित मुक्त कराया और सभी आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। अपहरण प्रयास की घटना के बाद फुलबासन यादव की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उनके घर में दो पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। एक जवान उनके साथ और दूसरा निवास पर तैनात रहेगा।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में खुशबु साहू (27, ग्राम भिंभौरी), सलोनी महेश्वरी (27, ग्राम नेवनारा), दिनेश बंजारे (35, ग्राम नयाढाबा), गोपाल खेलवार (25, ग्राम पथरिया, थाना अहिवारा, दुर्ग) और चिनक राम (38, ग्राम रताम बहेरा, थाना व तहसील बेरला, बेमेतरा) हैं।
पुलिस को देखकर आरोपियों ने बताया कि, गाड़ी में बैठी महिला को मिर्गी का दौरा पड़ा है। वे उन्हें हॉस्पिटल ले जा रहे हैं। हालांकि, चेकिंग कर रहे एक पुलिसकर्मी ने फूलबासन बाई को पहचान लिया।
उनकी हालत देखकर पुलिस का शक गहराया। इसी बीच फुलबासन यादव ने पुलिस को इशारा किया कि उन्हें मदद की जरूरत है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और उन्हें सुरक्षित छुड़ा लिया। सभी आरोपियों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं फुलबासन यादव से फोन पर बात की। उनका हालचाल जाना और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि मामले की हर पहलू से जांच होगी और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए फुलबासन यादव से फोन पर चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।