नोएडा

2 October Gandhi jayanti पर विशेष, पढ़े स्पीच और निबंध

2 October: Mhatma Gandhi Jayanti, Speech, nibandh in Hindi इस बार गांधी जी की 15वीं जयंती मनाई जाएगी। स्कूल, कॉलेजों के छात्र अभी से निबंध और स्पीच सर्च करने लगे हैं।

2 min read
Sep 24, 2018
2 October Gandhi jayanti पर विशेष, पढ़े स्पीच और निबंध

नोएडा। Mhatma Gandhi Jayanti, Speech, nibandh in Hindi: 2 अक्टूबर को हर साल देश भर में गांधी जयंती मानाई जाती है। लेकिन इस बार गांधी जयंती पर कई विशेष कार्यक्रम की किए जाएंगे। इस बार महात्मा गांधी की 150वीं जयंती है और इसलिए इस बार देश के अलग-अलग शहरों में खास तरह से मनाया जाएगा। स्कूलों में बच्चों के लिए भी तरह के तरह की प्रतीयोगिता और कार्यक्रम कराए जाएंगे। इसलिए छात्र अभी से गांधी जयंती स्पीच (Gandhi Jayanti Speech) , 2 अक्टूबर पर निबंध या गांधी जयंती पर निबंध आदि को खूब सर्च कर रहे हैं। छात्रों की उन्हीं मुश्किल हो हल कर के लिए यहां सरल भाषा में महात्मा गांधी जयंती पर भाषण या स्पीच दिए गए हैं।

गांधी जयंती २ अक्टूबर को मनाया जाता है। 2 अक्टूबर, 1969 को मोहन दास करम चंद गांधी की जन्म गुजरात में हुआ था। गांधी जी को राष्ट्र पिता भी कहा जाता है। गांधी जी का जन्मोत्सव पूरे देश में एक राष्ट्रीय त्योहार के रुप में मनाया जाता है। भारत के राष्ट्रपिता को बापू या महात्मा गांधी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। 15 जून 2007 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा घोषित किये जाने के बाद इसे अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रुप में मनाया जाता है।

ये भी पढ़ें

‘महात्मा गांधी जी ने कहा था, मैं हिंदू हूं और राष्ट्रवादी हूं’

जिस समय गांधी जी की जन्म हुआ उस वक्त देश में अंग्रेजों की हुकूमत थी। गांधी जी भारत की स्वतंत्रता का बिगुल फूंकनेवाले महान स्वतंत्रता सेनानी थे। इंग्लैंड में पढ़ाई करने के बाद भी वहां से गांधी जी भारत वापस आ गए और यहां आकर सबसे पहले दीन-दुखियों की सेवा करने में लग गए। लेकिन धीरे-धीरे अंग्रेजों के बढ़ते अत्याचार को देखकर उन्होंने अहिंसा का मार्ग अपनाकर लड़ाई लड़ी। गांधी जी के नेतृत्व में कई आंदोलन चलें जिनमें 1920 में असहयोग आंदोलन, 1930 में दांडी मार्च या नमक सत्याग्रह और 1942 में भारत छोड़ो आदि आंदोलन चलाये गये। जिसने अंग्रेजों के नाक में दम कर दिया और उन्हें भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

ये भी पढ़ें

स्टेशनों व कार्यालयों में प्लास्टिक का कम इस्तेमाल हो
Published on:
24 Sept 2018 09:32 am
Also Read
View All