एनसीआर का सबसे लंबा एलिवेटेड ट्रैक होगा नेएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो
नोएडा. उत्तर प्रदेश के हाई-टेक शहर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के साथ देश की राजधानी दिल्ली को जोड़ने वाली दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) बड़ा तोहफा देने जा रहा है। एक ओर जहां दिल्ली में शिव विहार से त्रिलोकपुरी का सफर इस महीने से शुरू होने जा रही हैष वहीं, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्वा लाइन मेट्रो लाइन पर भी समय से दो माह पहले यानी अक्टूबर में मेट्रो का संचालन शुरू हो सकता है। गौरतलब है कि इसके संचालन की अाधिकारिक तारीख दिसंबर 2018 तय थी। यानी डीएमआरसी इन दोनों रूट पर मेट्रो संचालन शुरू कर आम जनता को दिवाली गिफ्ट के तौर पर बड़ा तोहफा देने जा रही है। आपको बता दें कि DMRC अगस्त के आखिर तक शिव विहार मेट्रो स्टेशन से त्रिलोकुपरी मेट्रो स्टेशन तक के रूट पर मेट्रो का संचालन करने जा रही है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) प्रबंधन के मुताबिक, शिव विहार से मजलिस पार्क के बीच चलने वाली पिंक लाइन पर शिव विहार मेट्रो स्टेशन से त्रिलोकपुरी स्टेशन तक मेट्रो संचालन की तैयारी पूरी हो गई है। बताया जाता है कि इसी हफ्ते मेट्रो प्रबंधन कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) को इस ट्रैक के निरीक्षण के लिए पत्र लिखेंगे। खबरों के मुताबिक ट्रैक का निरीक्षण अगस्त के आखिर पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद आम लोगों के लिए इस लाइन को खोल दिया जाएगा। वहीं, दूसरी योजना के तहत नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो पर पहले एक वर्ष के लिए मेट्रो का संचालन डीएमआरसी की ओर से किया जाएगा। शुक्रवार को नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन (एनएमआरसी) और दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारियों ने इसके संकेत दिए।
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के मेट्रो ट्रेनों के परिचालन व रखरखाव के लिए डीएमआरसी 100 अधिकारी और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करेगी। इसके साथ ही डीएमआरसी के अधिकारी एनएमआरसी के कर्मचारियों को एक वर्ष तक प्रशिक्षण भी देगी। इसके एवज में एनएमआरसी तीन करोड़ रुपये देगी। इन दो कार्यों के लिए एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक आलोक टंडन और डीएमआरसी निदेशक (ओपीएस) एके गर्ग के बीच शुक्रवार को एमओयू भी साइन किया गया। इस मौके पर एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक आलोक टंडन, कार्यकारी निदेशक पीडी उपाध्याय और डीएमआरसी के निदेशक एके गर्ग, कार्यकारी निदेशक विकास कुमार ने सेक्टर-29 स्थित एनएमआरसी कार्यालय में बताया कि प्रोजेक्ट रिव्यू के तहत 10 अगस्त तक मेट्रो रूट का 87 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। इसके साथ ही कुल लागत का 73 प्रतिशत राशि भी खर्च किया जा चुका है।
एक्वा लाइन के चालू हो जाने से ग्रेटर नोएडा के मुसाफिर दिल्ली के किसी भी कोने तक आसानी से जा सकेगा। इसके लिए जल्द ही इसे सेक्टर-71 में ब्लू लाइन से जोड़ा जाएगा। एक्वा लाइन मेट्रो रूट पर 21 मेट्रो स्टेशन बनाए गए हैं, जिसमें 15 नोएडा और छह स्टेशन ग्रेटर नोएडा में हैं। दोनों की पहचान अलग-अलग रंगों से की जा सकेगी। सूत्रों के मुताबिक 22 सितंबर तक 11 कोच डिपो तक आ जाएंगे। इसके बाद अक्टूबर से इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि वर्तमान में पांच कोच आ चुके हैं। कुल 11 मेट्रो कोच के साथ पूरे रूट पर संचालन शुरू होगा। एक कोच की क्षमता 1034 मुसाफिरों की होगी। पूरा ट्रेक स्टैंर्ड गेज पर आधारित है। ट्रैक पर अधिकतम गति 95 किलोमीटर व न्यूनतम गति 35 किमीप्रति घंटा होगी। इसके निर्माण में 5503 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। स्टेशन से उतरते ही मुसाफिरों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट की परेशानी न हो, इसके लिए लास्ट माइल कनेक्टिविटी तकनीक के जरिए फीडर बसें चलाई जाएंगी। मेट्रो संचालन के बाद यह ट्रैक एनसीआर का सबसे लंबा एलिवेटेड 29.707 किलोमीटर का ट्रैक बन जाएगा। इससे पहले जब दिल्ली में मेट्रो का संचालन शुरू हुआ था। उस समय ब्लू लाइन पर द्वारका से बाराखंबा मेट्रो रूट सबसे लंबा 26 किलोमीटर का था।
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नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाने वाली एक्वा लाइन सेक्टर-71 मेट्रो स्टेशन पर डीएमआरसी की ब्लू लाइन को जोड़ेगी। यह एक ऐसी कनेक्टिविटी होगी, जिसमें ग्रेटर नोएडा का मुसाफिर दिल्ली के किसी भी कोने पर आसानी से आ-जा सकेगा। इसके लिए सेक्टर-71 मेट्रो स्टेशन और एक्वा लाइन के स्टेशन के बीच एक कॉरिडोर बनाया जाएगा। फिलहाल कॉमर्शियल स्थान नहीं बिकने की वजह से इस प्लान को रोका गया है, लेकिन भविष्य में इसे बनाया जाएगा। कॉरिडोर के जरिए जुड़ने की वजह से मेट्रो का एक बेहतर नेटवर्क बनेगा।