
नोएडा। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की धुंध भले ही कम हो गई हो लेकिन वायु प्रदूषण के स्तर में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। जो लोगों के स्वस्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है। लेकिन अब इससे निजात पाने के लिए सरकार ने अहम कदम उठाया है। अगर प्रदूषण का स्तर ऐसे ही रहा तो जहरीली हवाओं से लोगों को बचाने के लिए सरकार अब कृत्रिम बारीश कराएगी।
उड्डयन मंत्रालय ने दी मंजूरी-
दऱअसल कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने कृत्रिम बारीश कराए जाने की मांग की थी। जिसके बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हरी झंडी देते हुए विशेष यान भी मुहैया करा दिया है। उड्डयन मंत्रालय ने दिल्ली एनसीआर में बारिश कराने के लिए बीच क्राफ्ट सुपर किंग एयर B-200 राज्य सरकार को सौंप दिया है। इस बारीश के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कानपुर आईआईटी को अपने साथ मिलाया है। इसरो ने कानपुर आईआईटी को उच्च तकनीक से लैस एयरक्राफ्ट भी मुहैया करा दिया है।
आईआईटी ने की तैयारी-
कृत्रिम बारिश को लेकर आईआईटी के वैज्ञानिकों ने बताया है कि इसके लिए कई केमिकल का मिश्रण करके एक सॉल्यूशन तैयार किया गया है जो पहले आसमान में बादल बनाएंगे और उससे बारिश होगी। लेकिन फिलहाल इसके लिए आसमान में हल्के बादल आने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल इसरों और आईआईटी के छात्रों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आपको बता दें कि भारत में यह पहला मौका है जब वायु प्रदूषकों से हुए नुकसान का मुकाबला करने के लिए एक बडे भूभाग पर कृत्रिम बारीश कराई जाएगी।
जानकारी के मुताबिक जहरीली वायु और प्रदूषण की मार झेल रहे दिल्ली के अलावा सूबे के दस जिले दिल्ली से भी अधिक प्रदूषित हैं। इनमें हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा, संभल, अलीगढ़, कासगंज, बागपत, बदायूं और मेरठ शामिल हैं। वहीं, बुंदेलखंड सबसे अधिक सूखाग्रस्त इलाका है। यहां कृत्रिम बारीश कराई जा सकती है।