नोएडा

नमाज पर रोक के बाद भड़के असदुद्दीन ओवैसी ने UP पुलिस पर दिया बड़ा बयान

एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पुलिस से पूछा- कांवड़ियों पर फूल बरसाते हो, नमाज से शांति भंग कैसे?

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Dec 26, 2018
नमाज पर रोक के बाद भड़के असदुद्दीन ओवैसी ने UP पुलिस पर दिया बड़ा बयान

नोएडा. भाजपा शासित हरियाणा में खुले में नमाज पढ़ने पर विवाद के बाद अब यूपी के नोएडा में भी पुलिस ने पार्क में जुमे की नमाज पढ़ने पर रोक के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बता दें कि गौतमबुद्धनगर के एसएसपी अजयपाल शर्मा ने एक नोटिस जारी कर नोएडा सेक्टर-58 औद्योगिक क्षेत्र स्थित कंपनियों को पत्र लिखकर कर्मचारियों से खुले में नमाज पढ़ने से बचने की सलाह दी है। जिले की पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुस्लिम कर्मचारी जुमे की नमाज पार्क जैसे खुले एरिया में न पढ़ें। अब इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी पुलिस के इस फैसले पर बड़े सवाल उठाए हैं। ओवैसी का कहना है कि आखिर कांवड़ियों के लिए फूल बरसाने वाली पुलिस को हफ्ते में एक बार पढ़ी जाने वाली जुमे की नमाज से दिक्कत हो रही है।

असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस ने कांवड़ियों के लिए फूल बरसाए थे, लेकिन हफ्ते में एक बार पढ़ी जाने वाली नमाज का मतलब शांति और सद्भाव बिगड़ सकता है। ये बिल्कुल वैसा हुआ कि आप मुसलमानों से कह रहे हो कि आप कुछ भी कर लो, लेकिन गलती तो आपकी ही होगी। इसके अलावा ओवैसी ने पूछा है कि कानून के मुताबिक ये भी कहां तक जायज है कि कोई कंपनी ये तय करे कि एक कर्मचारी अपनी पर्सनल जिंदगी में क्या करता है।

बता दें कि पुलिस की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यदि किसी औद्योगिक संस्थान के कर्मचारी निर्देश का उल्लंघन करते हुए पाए जाते हैं तो इसके लिए संबंधित कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इस नोटिस में में लिखा गया है कि सेक्टर 58 स्थित अथॉरिटी के पार्क में नमाज पढ़ने या किसी भी धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं है। इस संबंध में मुस्लिम समुदाय की ओर से डीएम से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन इस पर उन्हें किसी तरह की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में यहां पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। लिहाजा, जिले की पुलिस ने इलाके कंपनियों को नोटिस जारी कर अपने कर्मचारियों को नमाज पढ़ने से रोकने के लिए कहा है। साथ ही कहा गया है कि इसके बाद भी अगर किसी कंपनी के कर्मचारी पार्क में आते हैं तो ये समझा जाएगा कि आपने अपने कर्मचारियों को अवगत नहीं कराया है। इसके लिए पूरी तरह से कंपनी जिम्मेदारी होगी।

Published on:
26 Dec 2018 12:23 pm
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