इनके सिर फोड़ा हार का ठीकरा, भाजपा हाईकमान को भेजी रिपोर्ट
शामली। पश्चिमी उत्तर प्रदेस की कैराना लोकसभा व नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा आलाकमान गहन मंथन कर रहा है। इसी बीच कैराना उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहीं मृगांका सिंह ने अपनी हार को लेकर एक और नया आरोप प्रशासन पर लगाया है। दरअसल कैराना सीट से भाजपा के दिवंगत सांसद हुकुम सिंह की पुत्री मृगांका सिंह ने चुनाव में सरकारी मशीनरी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर नई बहस को जन्म दे दिया है। मृगांका ने एक समाचार पत्र के संवाददाता से विशष बातचीत में बताया कि उनकी हार की वजह 73 बूथों पर हुआ पुनर्मतदान रहा।
शुक्रवार को अपने मायापुर स्थित फार्महाउस पर मृगांका सिंह ने जागरण संवाददाता से चुनाव को लेकर बातचीत के दौरान यह बात कही। साथ ही मृगांका सिंह ने पुलिस-प्रशासन पर आतंक फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में सरकारी मशीनरी ने मेरे खिलाफ काम किया। लाठियां मारकर मेरे समर्थक मतदाताओं को खदेड़ दिया, उनके घरों में तोडफ़ोड़ की गई। मेरे क्षेत्र में मशीनें खराब हुई, वहां पुनर्मतदान नहीं कराया गया। डीएम-एसएसपी ने मेरा फोन तक नहीं उठाया। जब उनसे यह पूछा गया कि केन्द्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार है, फिर पुलिस-प्रशासन ने आपके खिलाफ क्यों हो गया? इस पर उन्होंने कहा कि इसी सवाल का जवाब मैं भी चाहती हूं। पार्टी नेतृत्व व सभी बड़े जिम्मेदार पदाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
अधिकारियों को जवाब देना होगा। जहां पुनर्मतदान हुआ वहां महागठबंधन का नहीं, मेरा नुकसान हुआ। शामली शहर में 26 बूथों पर वीवीपैट मशीनें खराब रहीं, लेकिन वहां पुनर्मतदान नहीं कराया गया। शामली में 5 व सहारनपुर में 68 बूथों पर पुनर्मतदान हुआ। इसी से मेरी हार हुई। सहारनपुर की दोनों विधानसभाओं पर महागठबंधन को पुनर्मतदान का लाभ मिला। यह सोची-समझी साजिश थी। गन्ना नीति पर सरकार ने अच्छा काम किया है। यह नारा विरोधियों की राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है।
यह भी देखें-तेज बारिश से गर्मी में लोगों को मिली राहत
उपचुनाव में हुआ 52 फीसदी मतदान यदि 60 फीसद तक पहुंच जाता तो मेरी जीत होती। मतदाता के उदासीन रहने के साथ ही रालोद के अस्तित्व बचाओ के नारे से लोग थोड़ा भावुक हो गए, इससे नुकसान हुआ। 2019 में एकजुट विपक्ष कोई करिश्मा नहीं कर पाएगा। केन्द्र में पीएम मोदी की फिर भारी बहुमत से सरकार बनेगी। पार्टी का आदेश हुआ तो फिर कैराना से चुनाव लडूंगी। पार्टी हाईकमान को अधिकारियों के खिलाफ सबूत सहित शिकायत की है। ऐसे अधिकारी अब शामली और सहारनपुर में नहीं रह पाएंगे।