नोएडा

बसपा ने योगी सरकार के इस फैसले के खिलाफ खोला मोर्चा

मायावती के ड्रीम स्कूलों की फीस बढ़ाने को लेकर हुआ प्रदर्शन  
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Mar 06, 2018
yogi aaditiyanath and mayawati

नोएडा।अब उत्तरप्रदेश के इस जिले में बहुजन समाज पार्टी के नेताआें ने योगी सरकार के इस फैसल के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। इसका कारण बसपा सरकार द्घारा अपने कार्याकाल में गौतमबुद्घनगर में शुरू किए गए ड्रीम स्कूलों की फीस बढ़ोतरी करना है। इन स्कूलों की फीस बढ़ोतरी का मुद्दा सोमवार को और गर्मा गया। जिसके बाद बीएसपी नेताआें ने इस फैसले को सैकड़ों अभिभावकों के खिलाफ धोखाधड़ी बताते हुए योगी सरकार से फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग की है।

बीएसपी नेता के साथ प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा समिति चैयरमैन को सौपा ज्ञापन

इस संबंध में पार्टी के जिलाध्यक्ष लख्मी सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा-ग्रेनो शिक्षा समिति के चेयरमैन प्रभात कुमार से मिलकर अपनी मांग रखी और ज्ञापन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि फैसले को वापस नहीं लिया गया तो योगी सरकार के खिलाफ जिले में धरना प्रदर्शन किए जाएंगे। वहीं सपा के महानगर अध्यक्षा ने कहा कि जिले में चारों स्कूलों का निर्माण एससी, एसटी, आेबीसी आैर जनरल कैटेगिरी में आने वाले गरीब तबकों के बच्चों के लिए किया गया था। जो बड़े प्राइवेट स्कूलों में नहीं पढ़ सकते थे। उन बच्चों को पढ़ाने के लिए इन स्कूलों का निर्माण कराया गया था। ऐसे में इन स्कूलों की फीस में एकाएक वृद्धि करना गलत है। इन स्कूलों की फीस में की गर्इ3 गुणा बढ़ोतरी को वापस नहीं लिया गया, तो पैरेंट्स के साथ बसपा खड़ी होगी।

इन स्कूलों की बढ़ार्इ जा रही फीस

अप्रैल से शुरू होने वाले नए सत्र में समिति ने महामाया बालिका, पंचशील बालक इंटर कॉलेज, सावित्री बाई फुले बालिका इंटर कॉलेज और गौतमबुद्ध बालिका इंटर कॉलेज की फीस 3 गुणा बढ़ा दी है। इसी के बाद से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों आैर बसपा पार्टी नेताआें में गुस्सा है। वहीं जब बसपा नेता पैरेंट्स के साथ नोएडा- ग्रेटर नोएडा शिक्षा समिति के मंडलायुक्त प्रभात कुमार के पास पहुंचे, तो उन्होंने कहा कि समिति के फंड की कमी की वजह से उन्हें यह फीस बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा है।

जब तक फीस नहीं होगी वापस जारी रहेंगा मोर्चा

वहीं इस मौके पर महानगर अध्यक्ष जोगिंदर अवाना ने कहा कि यह योगी सरकार का दोहरा चरित्र है। यह स्कूल गरीब बच्चों को कम रुपयों में प्राइवेट स्कूल से भी अच्छी स्तर की शिक्षा देने के लिए खोले गये थे, लेकिन इनकी फीस बढ़ाकर अब यहां के गरीब बच्चों को शिक्षा से वांछित करने की तैयारी की जा रही है। अगर यह बढ़ी हुर्इ फीस सरकार वापस नहीं लेती है, तो यहां पढ़ने वाले बच्चों के पैरेंट्स सड़क पर आएंगे आैर उनके साथ बसपा सरकार खड़ी रहेंगी।

Updated on:
06 Mar 2018 06:36 pm
Published on:
06 Mar 2018 06:36 pm