बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में मायवती ने बोला कांग्रेस पर हमला
नाेएडा. राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में गठबंधन के साथ न जाकर अपने दम पर चुनाव लड़ने का फैसला कर चुकी बसपा सुप्रीमो अब खुलासा किया है कि उनकी पार्टी अकेले चुनाव क्यों लड़ेगी। दरअसल, उन्होंने यह खुलासा बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम में किया है। उन्हाेंने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन से सीटों की भीख मांगने के बजाए अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। साथ ही बसपा सुप्रीमो ने कहा कि कांग्रेस के साथ किसी भी तरह की सीमाओं से बाहर है। बीएसपी किसी गठबंधन में तब तक शामिल नहीं होगी जब तक सीटों की सम्मानजनक संख्या देने की शर्त का पालन नहीं किया जाएगा।
बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस अौर भाजपा पर हमला बोलते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों में से कोई भी पार्टी ऊपरी जाति के गरीबों के हितों के लिए काम नहीं करती है। बसपा इन दोनों पार्टियों की सरकारों की यातना के बावजूद दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, मुसलमानों, अन्य अल्पसंख्यकों और ऊपरी जातियों के गरीबों के आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं करेगी।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बसपा ने गठबंधन में शामिल होने के लिए सीटों की सम्मानजनक संख्या देने की शर्त रखी है। बसपा अपनी ओर सेे सीटों की मांग कतई नहीं करेगी। यदि सीटों की सम्मानजनक संख्या नहीं होती है, तो पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। उनके इस बयान को अब कांग्रेस के लिए चेतावनी के रूप में भी देखा जा रहा है। दरअसल, कांग्रेस 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा के खिलाफ सभी बड़े दलों को एक साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।