सीबीएसई बोर्ड 10वीं की परीक्षा में पश्चिमी यूपी की इस होनहार ने देशभर में किया टॉप
नोएडा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने मंगलवार को 10वीं के नतीजे घोषित कर दिए। इस साल 10वीं में कुल 86.7 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। चार स्टूडेंट्स के 500 में से 499 अंक आए हैं। जिनमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जनपद की नंदिनी गर्ग, यूपी के ही बिजनौर जिले के स्कूल में पढ़ने वाली रिमझिम अग्रवाल (उत्तराखंड की रहने वाली), गुड़गांव के प्रखर मित्तल, कोच्चि की श्री लंक्ष्मीजी ने टॉप किया है। इनमें पत्रिका संवाददाता ने शामली की टॉपर नंदिनी गर्ग के माता-पिता से बातचीत की। नंदिनी की मां ने बेटी के देश भर में टॉप करने पर कहा कि मुझे बहुत खुशी हो रही है।
मेेरे पास इस खुशी को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। पढ़ाई में उसका खूब मन लगता है। उसने कोई एक्सट्रा कोचिंग नहीं की। वह सेल्फ स्टडी में विश्वास करती है। उसके बहुत सारे शौक हैं। वह डासिंग, पेटिंग व कल्चरल एक्टिविटी में पीर्टीसिपेट करती है। नंदिनी के पिता ने कहा कि वह भविष्य में आईएएस ऑफिसर बनना चाहती हैं। आज नंदिनी ने अपने स्कूल का शामली जिले का नाम रोशन किया है। साथ ही नंदिनी के पिता ने कहा कि रिजल्ट आने से पहले हमें उम्मीद थी कि अच्छे अंक आएंगे पर वह पूरे देश में टॉप करेगी यह उम्मीद नहीं थी। टॉपर रिमझिम अग्रवाल और नंदिनी गर्ग ने सक्सेस का मंत्र भी शेयर किया।
अपनाया सेल्फ स्टडी का फॉर्मूला
नंदिनी के 500 में से 499 अंक आए हैं। वो रोज 5 घंटे पढ़ाई किया करती थीं। बिना किसी ट्यूशन के वो खुद ही पढ़ाई करती थीं। किसी सवाल में परेशानी होने पर वो अपने स्कूल टीचरों की मदद लेती थीं। नंदिनी के स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया कि नंदिनी बहुत ही फोकस्ड लड़की है। वह सोशल साइट्स से बिल्कुल दूर रहती थी। बीच-बीच में वह हैरीपॉटर की किताबें पढ़ती थी। मुझे नंदिनी से पहले ही उम्मीद थी कि वह जरूर कुछ अच्छा करेगी।
रिमझिम को ऐसे मिली सफलता
नंदिनी की तरह ही उत्तराखंड की रहने वाली और बिजनौर के सीबीएसई स्कूल से पढ़ने वाली रिमझिम के भी 500 में से 499 अंक आए हैं। वो भी बिना ट्यूशन के घर में ही पढ़ाई किया करती थी। पापा उनकी मदद किया करते थे। उसकी सफलता के पीछे भी उसकी सेल्फ स्टडी ही मुख्य वजह रही। जिसके कारण उसको ये सफलता हासिल हुई।