
नोएडा। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा, ' हमारे जवान कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा से देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। उनके कामों का अनुमान दिल्ली में बैठकर नहीं लगाया जा सकता। माइनस 40 डीग्री तापमान में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण उन्हें सांस लेने में कठिनाई होती है। इसके बावजूद सेना के जवान अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाते हैं। इसी वजह से पूरा देश चैन की नींद लेता है। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित 39वीं बटालियन में आइटीबीपी के 56 वें स्थापना दिवस समारोह पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजानाथ ने कहा, ' 9 हजार से लेकर 18 हजार फीट से ज्यादा तक की ऊंचाई वाले इलाके में भारत-चीन की सीमाओं की निगरानी की जिम्मेदारी इनके ही कंधों पर है। आइटीबीपी के जवानों की भूमिका बहुयामी है। ये नक्सलियों और उग्रवादियों के हौसले पस्त करने के काम करते हैं।' 50 नए बॉर्डर आउट पोस्ट बनाने के प्रस्ताव...
केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा, 'हमारी सरकार फोर्स की कैपेबिलिटी और उसका इन्फ्रा स्ट्रकचर बढ़ाने पर काम कर रही है। हाल ही में 50 नई बीओपी बनाने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को मिला है। इस संबंध में भी निर्णय किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ कंसलटेंट को भी बुलाया गया है, जिनकी मदद से जवानों की हाउसिंग के लिए सुविधा मुहैया कराई जा सकती है। इसके बारे में भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा लद्दाख में कड़ाके की ठंड में भी बीओपी पर 20 डीग्री तापमान सुनिश्चित करने के लिए एक मॉडल बीओपी भी बनाई जा रही है। अगर ये सफल रहता है तो इसी तरह की और बीओपी लगाई जाएगी। राजनाथ ने कहा कि सरकार ने पेट्रोलिंग के लिए स्नो स्कूटर की सुविधा भी मुहैया करना प्राम्भ कर दिया है। अभी इसकी कमी है, जिसकी पूर्ति जल्द ही की जाएगी। केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा, 'बॉर्डर आउट पोस्ट्स से अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने की योजना है। इसके लिए इन इलाकों में 25 नई सड़कें भी बनाई जाएंगी।' वहीं, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आइटीबीपी के डीजी आरके पचनन्दा ने बताया कि जल्द ही आइटीबीपी एक इंटेलिजेंस स्कूल भी खोलने जा रही है
गृहमंत्री ने की परेड की तारीफ
कार्यक्रम के दौरान भव्य परेड का आयोजन किया गया। परेड देखने के बाद राजनाथ सिंह ने कहा, 'यहां की शानदार परेड को अगर कोई बेहोश व्यक्ति भी देखता तो उसके अंदर भी सिर्फ होश ही नहीं पैदा होगा, बल्कि कुछ कर गुजरने का जज्बा भी उजागर होगा। इस अवसर पर मैं उन वीरों को याद करना चाहता हूं, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। उनकी शहादत बराबर हम सभी को कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहेगी।'
क्या है भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी)
भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (Indo-Tibetan Border Police) भारतीय अर्ध-सैनिक बल है। भारत-चीन संघर्ष के बाद देश की उत्तरी सीमाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए 24 अक्टूबर 1962 को आईटीबीपी का गठन किया गया। ये बल काराकोरम दर्रा से लिपुलेख दर्रा और भारत-नेपाल-चीन त्रिसंगम तक कुल 2915 किलोमीटर की लंबाई पर फैली सीमा की रक्षा करता है। आईटीबी की शुरुआत केवल चार पलटनों के एक छोटे से दल के रूप में गई थी, जो अब 45 सेवा पलटनों और चार विशेषीकृत पलटनों का वृहत रूप ले चुका है। आईटीबीपी का मुख्य कार्य भारत-तिब्बत सीमा की सुरक्षा और रखवाली करना, सीमा की जनता को सुरक्षा की भावना प्रदान करना, महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों का निर्वहन और आपदा प्रबंधन आदि करना है।
इधर, कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह जब नोएडा से गुजर रहे थे तो बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-14 में उनका जोरदार स्वागत किया। बताया जा रहा है कि जैसे ही कार्यकर्ताओं को सूचना मिली की गृहमंत्री नोएडा से गुजरने वाले हैं, कई कार्यकर्ता नोएडा गेट पर पहुंच गए और माला पहनाकर उनका स्वागत किया।