
पत्रिका न्यूज नेटर्क
नोएडा. Chaitra Navratri 2021 मंगलवार 13 अप्रैल से शुरू होंगी और 21 अप्रैल को रामनवमी (Ram Navmi) का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा का आगमन घोड़े की सवारी के साथ हो रहा है। जबकि मां दुर्गा इस बार कंधे पर प्रस्थान करेंगी। पंडित चंद्रशेखर शर्मा कहते हैं कि मां दुर्गा जिस वाहन पर सवार होकर आती हैं और जिस पर सवार होकर जाती है। उसका असर देश-दुनिया के साथ लोगों के जीवन पर भी पड़ता है।
पंडित चंद्रशेखर शर्मा के अनुसार, चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन इस बार विष्कुंभ और प्रीति योग के निर्माण से ग्रहों का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे बीमारी का कारक यानी बीमारी फैलाने वाला कहा जाता है। उन्होंने बताया कि इस बार मां दुर्गा का घोड़े पर सवार होकर आएंगी, जिसे अशुभ माना जाता है। जहां यह योग दुनिया में उथल-पुथल का कारक बनेगा। वहीं, इसके चलते लोगों को कष्ट और परेशानियों का अनुभव होगा। उन्होंने बताया कि 2020 की तरह इस बार 2021 में भी हिंदू नववर्ष शुभ नहीं है। उस दौरान भी देश-दुनिया वैश्विक महामारी से त्रस्त थे और इस बार भी कुछ ऐसी ही स्थिति है। हालांकि मां दुर्गा के कंधे पर प्रस्थान करने से देश में सुख समृद्धि आएगी।
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नवसंवत्सर के राजा व मंत्री दोनों मंगल
पंडित चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि Chaitra Navratri 2021 में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 13 अप्रैल सुबह 5.28 से 8.46 बजे तक रहेगा है। जबकि अभिजीत मुहूर्त 11.36 से 12.24 बजे तक रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रतिपदा 12 अप्रैल की सुबह 8.01 बजे से 13 अप्रैल की सुबह 10.17 बजे तक रहेगी। उदया तिथि में एकम होने के चलते नवरात्रि 13 अप्रैल से शुरू होगी। उन्होंने बताया कि इस बार नवसंवत्सर के राजा व मंत्री दोनों मंगल होंगे।