बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित परिषदीय विद्यालयों में एक से पांचवी कक्षा के बच्चों को इस समय कहानी व खेल के जरिए पढ़ाई करार्इ जाती है।
नोएडा। बच्चों को रटने की जगह उनकी समझ बढ़ाने आैर रुचि पैदा करने के लिए अब उन्हें क्लास लगाकर नहीं बल्कि कठपुतलियों का खेल दिखाकर व संगीत सुनाकर पढ़ाया जाएगा। इसको लेकर परिषदीय विद्यालयों के टीचरों को डायट द्वारा ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें टीचर्स को पढ़ार्इ के तरीके सिखाए जाएंगे। इसके लिए अभी 135 अध्यापकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
नये सत्र से बच्चों को पढ़ाने के लिए अध्यापक कठपुतली आैर संगीत का लेंगे सहारा
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित परिषदीय विद्यालयों में एक से पांचवी कक्षा के बच्चों को इस समय कहानी व खेल के जरिए पढ़ाई करार्इ जाती है। इसमें कुछ बच्चे रुचि नहीं लेते। एेसे में नये सत्र से टीचर बच्चों को पढ़ार्इ में रुचि दिलाने आैर उन्हें अच्छे से समझाने के लिए शिक्षक संगीत और कठपुतली का भी सहारा लेंगे। टीचर कठपुतली के खेल के माध्यम से बच्चों को गणित, विज्ञान से लेकर अन्य विषयों को पढ़ाएंगे।
अब रटने की जगह बच्चों को सिखाने पर रहेगा अध्यापकों का जोर
बेसिक शिक्षा अधिकारी बाल मुकुंद प्रसाद ने कहा कि पढ़ाई कराने के नए तरीकों के बाद बच्चे रटने के बजाए सीखने पर अधिक जोर देंगे। यह उनके भविष्य के लिए काफी बेहतर साबित होगा। इतना ही नहीं पढ़ाई कराने के बाद बच्चों को मिलने वाले प्रश्नपत्रों में भी बदलाव किए जाएंगे। यह सब जानकारी ट्रेनिंग पर गए अध्यापकों को ट्रेनिंग के दौरान दी जा रही है। इसके साथ ही उन्हें प्रश्नपत्र में सरल भाषा का इस्तेमाल करने लंबे की जगह छोटे प्रश्न बनाने जैसी चीजें सिखार्इ जा रही हैं।
नोएडा से होगी शुरुआत
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि ट्रेनिंग पर जाने से लेकर आने के बाद इसका परीक्षण नोएडा से होगा। यहां पढ़ार्इ कराने के तरीकों में आने वाले बदलाव सबसे पहले नोएडा से शुरू होंगे। प्रशिक्षण में आए शिक्षकों को मॉडल शिक्षा प्रणाली के तहत यह समझाया जा रहा है कि इसे पहले एक स्कूल में मॉडल की तरह लागू करें। जिसके लिए नोएडा को चुना जाएगा। इसके बाद यहां से मिलने वाले परिणामों के बाद अन्य स्कूलों में लागू किया जाएगा।