एक बीड़ी या सिगरेट में 7 हजार जहरीले रसायन होते हैं जिनमें से 70 ऐसे हैं जिनसे कैंसर जैसी घातक बीमारी होती है।
नोएडा। आज के समय में सिगरेट पीना लोगों का शौक के साथ-साथ टशन भी बन गया है। इसके चलते युवा से लेकर बुजुर्ग तक धूम्रपान करते नजर आते हैं। जिससे अक्सर लोगों को कैंसर जैसी घातक बीमारी हो जाती है। नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन (एनइए) के सहयोग से विश्व धूम्रपान निषेध दिवस पर जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ ने लोगों को जागरुक करने के लिए शिविर का आयोजन किया। जिसमें लोगों को बताया गया कि एक बीड़ी या सिगरेट में 7 हजार से अधिक जहरीले रसायन होते हैं जिनमें से 70 ऐसे हैं जिनसे कैंसर जैसी घातक बीमारी होती है।
जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की डॉ श्वेता खुराना ने लोगों को जागरुक करते हुए बताया कि आज के समय में युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक धूम्रपान कर रहे हैं। जबकि एक बीड़ी या सिगरेट में सात हजार से अधिक जहरीले रसायन होते हैं और इनमें 70 ऐसे होते हैं जो कैंसर जैसी घातक बीमारी को जन्म देते हैं। इसके साथ ही सैकेंड हैंड स्मोक या निष्क्रिय धूम्रपान से गर्भवती महिलाओं में गर्भपात होने का भी खतरा होता है।
ये हो सकते हैं कैंसर के लक्षण
धर्मशिला अस्पताल की प्रेसीडेंट डॉ. एस खन्ना ने यहां कैंसर की रोकथाम, उपाय व कैंसर के बारे में लोगों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि लम्बे समय से गले में खरास रहना, खांसी, स्तन में गांठ और शरीर में कहीं पर भी गांठ का होना ये सभी कैंसर के लक्षण होते हैं। ऐसा कुछ होने पर तुरंत अस्पताल में जांच करानी चाहिए।
इस दौरान जिला अस्पताल की डॉ. रेनू ने लोगों को तंबाकू और शराब छुड़ाने के तरीके बताए और शिविर में आई महिलाओं की नि:शुल्क स्तन कैंसर की जांच की गई। यहां स्वास्थ्य विभाग से आए जनरल फिजिशियन, दंत रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लगभग 200 लोगों की जांच की।