चुनाव में इसको बनाया जाता है बड़ा मुद्दा
बागपत।अगर हम बात करें वेस्ट यूपी की तो ज्यादातर राजनीतिक पार्टियां किसानों को लुभाने के लिए उनकी सबसे बड़ी समस्या सड़क आैर गन्ने के भुगतान को मुद्दा बनाती है।इतना ही नहीं वह इन मुद्दों पर जीत भी जाती है, लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव आने से पहले ही योगी सरकार इसमें से एक मुद्दे को खत्म कर देगी।इसको लेकर केंद्र सरकार आैर प्रदेश सरकार दोनों ही काम करने में जुटी है।इसी काम पर भाजपा किसानाें से आने वाले लोकसभा चुनाव में वोट भी मांग सकती है।
ये मुद्दा हो जाएगा खत्म, सितंबर में करेंगे शिलान्यास
दरअसल विधानसभा से लेकर लोकसभा के चुनावों में वेस्ट यूपी के क्षेत्र में किसानों को पार्टी नेता बेहतरीन सड़क आैर शुगर मिल से उनका बकाया साथ ही गन्ने के ज्यादा दाम दिलाने का वादा करते है।किसान अपनी इन दोनों समस्याआें को खत्म होने का विश्वास कर वोट देते है।यहीं वजह है कि वर्ष 2014 के लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनाव में भाजपा के मुद्दों में सड़क आैर गन्ना मिल भी शामिल था।इसी को लेकर भाजपा र्इस्टर्न पेरिफेरल के बाद अब प्रमुख स्थानीय मुद्दा दिल्ली-सहारनपुर मार्ग को फोरलेन बनवाने जा रहा है।यह मार्ग पेरीफेरल एक्सप्रेस वे से लेकर शामली तक ही बनाया जाना था।लेकिन बाद में इसे शामली से सहारनपुर तक बनाने का निर्णय लिया गया है।इसके बनने के बाद किसानों की आधी से ज्यादा समस्या कम हो जाएगी।
मुख्यमंत्री आैर केंद्रीय मंत्री साथ में करेंगे शिलान्यास
11 सितंबर को ही इस मार्ग के तीन स्थानों बड़ौत, शामली और सहारनपुर में शिलान्यास होने की संभावना है। इसे लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर देखा जा रहा है।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के पहुंचने की संभावना है।इतना ही नहीं वह यहां सड़क का शिलान्यास करने के साथ ही बड़ौत में स्थल पर पहुंचकर सभा भी करेंगे।हालांकि अभी तक सभा स्थल निश्चीत नहीं हुआ है। वहीं भाजपा के क्षेत्रिय नेता सीएम आैर केंद्रीय मंत्री के प्रोग्राम को लेकर तैयारियों में जुट गये है।