आपदा को अवसर बना रहे प्राइवेट अस्पताल। डीएम गौतमबुद्ध नगर ने जारी किया व्हाट्सएप नंबर। अस्पताल का बिल भेज दर्ज करें शिकायत। परिजनों से वसूल रहे मोटी रकम।शिकायत मिलेगी पर दर्ज होगी एफआईआऱ।
नोएडा। कोरोना वायरस (coronavirus) की दूसरी लहर से एक तरफ जहां पूरा देश परेशान हैं। अस्पतालों में बेड (bed in hospital) और ऑक्सीजन सिलेंडर (oxygen cylinder) की कमी के चलते ना जाने कितने ही लोग अब तक अपनी जान गवां चुके हैं। वहीं इस तरह की भयावह स्थिति में भी नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कुछ प्राइवेट अस्पताल आपदा को अवसर बनाने में लगे हुए हैं। इंसानियत को दरकिनार कर के कुछ लोग इस आपदा में पैसे कमाने की फिराक मे हैं। कुछ प्राइवेट अस्पताल ऐसे समय में मरीजों के परिजनों से मन मांगी कीमत वसूल रहे हैं, वहीं लोग अपने प्रियजन की जान बचाने के लिए ऐसा करने पर मजबूर हैं। हालांकि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को लगातार प्राइवेट अस्पतालों द्वारा किए गए इस काम की शिकायत मिल रही थी कि, कुछ अस्पताल कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए परिजनों से मुंह मांगी रकम वसूल रहे हैं। बता दें कि कुछ अस्पताल तो इलाज के लिए परिजनों से एडवांस में ही लाखों रूपए लेने के बाद मरीज को भर्ती कर रहे हैं।
प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ काफी समय से मिल रही इन शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने एक आदेश जारी किया है। डीएम ने अस्पतालों को आगाह करते हुए कहा है कि यदि शासन की तरफ से निर्धारित दरों का पालन नहीं किया गया और किसी भी तरह से अधिक पैसा वसूला गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ डीएम ने एक व्हाट्सएप “9354357073” नंबर जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि यदि कोई अस्पताल आपसे ज्यादा पैसे मांगता है तो बताए गए व्हाट्सएप नंबर पर अस्पताल का बिल भेज दें। इस तरह से मजबूरी में ज्यादा वसूली करने वाले अस्पतालों के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
डीएम सुहास एलवाई ने बताया कि अब तक शहर में 23 अस्पतालों को कोरोनावायरस के संक्रमण का इलाज करने की इजाजत दी गई है। वहीं बीते कई दिनों से शिकायत मिल रही है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के प्राइवेट अस्पताल कोविड-19 के इलाज के लिए मुंह मांगी रकम वसूल रहे हैं। जबकि शासन और जिला प्रशासन ने सभी अस्पतालों के लिए इलाज की एक निश्चित दर तय कर रखी हैं। इन दरों से ज्यादा पैसा लेना कानूनी जुर्म है।