नोएडा

इस नेता के शहर में आने से बढ़ गईं भाजपा की धड़कनें, लोकसभा चुनाव में इस दिग्गज नेता को दी थी शिकस्त

2009 कांग्रेस से शुरु की थी राजनीतिक पारी।

2 min read
Jun 21, 2018
Feature image

मुरादाबाद। अगले लोकसभा चुनाव के लिए गुणा-भाग लगना शुरू हो गया है। महागठबंधन होगा या नहीं, इस बारे में तो अभी कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन कुछ सीटों पर लगभग निर्णय होने की चर्चा शुरू हो गई। इन्‍हीं में कुछ पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश की सीटें भी हैं। वहीं, इन सीटों पर लड़ने वाले पार्टी उम्‍मीवारों के नाम भी फाइनल बताए जा रहे हैं। दरअसल ईद पर मुरादाबाद के सियासी गलियारों में तब हलचल मच गई, जब पूर्व भारतीय क्रिकेटर वहां के लोगों के बीच पहुंच गए। यह यहां से सांसद भी रह चुके हैं और उनकी इस क्षेत्र में अच्‍छी लोकप्रियता भी है। उन्‍होंने यहां सबके साथ ईद की नमाज भी अदा की और मुबारकबाद भी दी।

ईद पर मुरादाबाद पहुंचे अजहर
हम बात कर रहे हैं भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्‍तान मो. अजहरुद्दीन की। ईद से ठीक एक दिन पहले वह हैदराबाद से मुरादाबाद पहुंचे। यहां पहले वह सपा नेताओं से मिले। इसके बाद ईद वह वाले दिन उन्‍होंने ईदगाह में नमाज अदा की और लोगों से गले मिलकर मुबारकबाद भी दी। फिर वह कांग्रेसी नेताओं से भी मिले। इतना ही नहीं वे उनके घर तक गए। इस बीच महागठबंधन के सवाल पर वह पॉजिटिव दिखे। उनका कहना था कि यह गठबंधन मुल्‍क के फायदे के लिए बना है और इसके परिणाम भी अच्‍छे होंगे।

मौजूदा भाजपा सांसद को दी थी शिकस्‍त
वहीं, मो. अजहरुद्दीन के इस तरह अचानक मुरादाबाद आने और उनकी सक्रियता को देखकर कयास लगाए जाने लगे हैं कि वह एक बार फिर से 2019 के लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद से हाथ आजमाएंगे। बताया जा रहा है कि महागठबंधन होने की स्थिति में मुरादाबाद सीट कांग्रेस और संभल व रामपुर सपा के पास जा सकती हैं। इसे देखते हुए भी अजहर का आना यहां से कांग्रेस की मजबूत दावेदारी को दर्शाता है। आपको बता दें कि अजहर ने 19 फरवरी 2009 में कांग्रेस पार्टी ज्‍वाइन की थी। उसी साल वह मुरादाबाद से जीत कर पहली बार संसद पहुंचे थे। उस चुनाव में उन्‍होंने भाजपा के वर्तमान सांसद कुंवर सर्वेश सिंह को करीब 50 हजार वोटों से हराया था।

कई नेताओं की बढ़ी धड़कनें
उधर, अजहर के आने से कई नेताओं की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। दरअसल, महागठबंधन की स्थिति में मुरादाबाद लोकसभा सीट कांग्रेस के लिए छोड़े जाने की चर्चाओं से कई सपाइयों ने कांग्रेस में पैठ बनाने की कोशिशें शुरू कर दी थीं। अब पूर्व सांसद अजहरूद्दीन के आने से उनके मंसूबों पर पानी फिरता दिख रहा है। आपको बता दें कि 2009 में मुरादाबाद से जीतने के बाद भी अजहरुद्दीन ने 2014 में इस सीट से चुनाव नहीं लड़ा और वह राजस्थान चले गए। यहां उन्होंने 2014 में टोंक-सवाई माधोपुर सीट से चुनाव लड़ा जिसमें उन्हें भाजपा प्रत्याशी सुखवीर सिंह जौनापुरिया के हाथों कड़ी शिकस्त का सामना करना पड़ा।

Published on:
21 Jun 2018 08:57 pm