अपराधियों पर नकेल कसने के लिए दिल्ली और यूपी पुलिस ने मिलाया हाथ,बेहतर यातायात के सहयोग पर भी बनी सहमति
नोएडा। उत्तर प्रदेश को अपराध मुक्त प्रदेश बनाने के लिए सूबे की पुलिस अपराधियोें की धर-पकड़ में हैं, जिसके डर से अपराधी या तो पुलिस के गिरफ्त में आ गए हैं या कुछ सरेंडर कर चुके हैं। लेकिन कुछ शातिर किस्म के अपराधी अभी भी पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। जो वारदात को अंजाम देकर बड़े ही आराम से आस-पास के राज्यों में फरार हो जाते हैं। पश्चिमी यूपी से इस तरह के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं, जहां अपराधी दिल्ली में शरण लेने लगे हैं। लेकिन अब इनकी भी खैर नहीं, क्योंकि दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस ने इन अपराधियों पर नकेल कसने के लिए हाथ मिला लिया है। इसके साथ ही यातायात को बेहतर बनाने पर भी सहमती बनी।
अपराध किसी राज्य विशेष या क्षेत्र विशेष की समस्या नहीं है। यह लगभग सर्वव्यापी है। लेकिन, अब अपराध और अपराधियों से मिलकर लड़ने की कवायद शुरू की गई है। इस समस्या से लड़ने के लिए मंगलवार को दिल्ली और यूपी पुलिस के अफसर एक साथ जमा हुए। सेक्टर-18 के रेडिसल ब्ल्यू होटल में बैठक की, जिसमें अपराधों पर प्रभावी अंकुश के लिए एक-दूसरे को सहयोग करने पर सहमति बनी।
बैठक में दोनों राज्यों के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने के लिए सूचनाओं के प्रभावी आदान-प्रदान करने पर चर्चा हुई। दिल्ली से सटे होने के कारण दोनों की राज्यों की पुलिस के सामने यह समस्या आती है कि बदमाश अपराध को अंजाम देने के साथ ही दिल्ली से यूपी और यूपी से दिल्ली राज्य की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं और समन्वय की कमी के कारण पुलिस मौके पर कार्रवाई नहीं कर पाती है। इसके अलावा बैठक में जघन्य अपराधों में वांछित, इनामी अपराधियों की तलाश के लिए सहयोग प्रदान करने, यूपी एवं दिल्ली के बार्डर एरिया में संयुक्त रूप से प्रभावी चेकिंग करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू एवं सुदृढ़ बनाने में भी एक-दूसरे के सहयोग पर सहमति बनी। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौतमबुद्धनगर, पुलिस अधीक्षक नगर, एसपी यातायात के अलावा पूर्वी दिल्ली के संयुक्त कमिश्नर एवं अन्य उच्च अधिकारी मौजूद थे।