
नोएडा।दिल्ली में सब इंस्पेक्टर से डीसीपी तक का सफर तय करने वाले अधिकारी की गाड़ी को लोगों ने रस्सी से खिंचा।इतना ही नहीं उस वक्त हजारों लोग पहुंच गये थे।वहीं लोगों के इस हुजुम के बीच कर्इ लोगों की आंखों से आसू बहते दिखार्इ दिये।यह नजारा कुछ आैर नहीं बल्कि नोएडा में रहने वाले एक दिल्ली पुलिस में 37 साल तक तैनात रहे डीसीपी ज्ञानेंद्र सिंह के रिटायमेंट का था।जहां पुलिस अधिकारी से लेकर कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने उनकी जीप रस्सी से खिंचकर विदार्इ दी।
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सब इंस्पेक्टर से एेसे डीएसपी बने अवाना
नोएडा के सेक्टर-56 में रहने वाले ज्ञानेंद्र सिंह अवाना 1982 में दिल्ली पुलिस में बतौर सब इंस्पेक्टर भर्ती हुए थे।इसके बाद वह अपनी काबलियत आैर मृदुभाषी व स्वभव से तरक्की की सीढ़ियां चढ़ते हुए डीसीपी के पद तक पहुंच गये।वह ट्रैफिक आैर कम्युनिकेशन मामलों में एक्सपर्ट है। ज्ञानेंद्र सिंह अवाना सेक्टर-56 में अपनी माता लखमीरी देवी, पत्नी उर्मिला, दो बेटे व एक बेटी, छोटे भाई एडवोकेट महेंद्र सिंह अवाना और करण सिंह अवाना के परिवार के साथ रहते हैं। अपने सौम्य व्यवहार के चलते उनका गुर्जर समुदाय में शुरू से ही काफी सम्मान रहा है और वे भी वक्त मिलने पर सामाजिक कार्यक्रमों में जाने से गुरेज नहीं करते।
इसी वजह से पहुंचे इतने लोग रस्सी से खिंची गाड़ी
कुशल व्यवहार आैर समाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते रहे है। इसी वजह से उनके रिटायरमेंट की सूचना मिलते ही समारोह को यादगार बनाने के लिए सैकड़ों लोगों का रेला दिल्ली में जुट गया।उनके रिटायमेंट पर आयोजित समारोह में रविवार को लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ ही गुर्जर समुदाय के सैकड़ों लोगों ने वजीराबाद पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में सम्मान स्वरूप उनकी जीप को रस्सी खींचकर सम्मान दिया।