
नोएडा। यूपी का शो विंडो कहे जाने वाला नोएडा शहर प्रदेश को टैक्स के रूप में सबसे अधिक देता है। यही कारण है कि इस शहर में सैकड़ों बड़ी कंपनियों होने के बाद भी बाहरी कंपनी हमेशा निवेश करने के मूड में रहती हैं। वहीं अब इस हाईटेक शहर में प्राधिकरण द्वारा 114 इमारतें गिरानी की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके साथ ही यह कहना भी गलत नहीं है कि इन इमारतों के ध्वस्तिकरण से सैकड़ों लोगों के सपने भी ढ़ेर हो जाएंगे। दरअसल, शाहबेरी की घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण अवैध इमारतों का सर्वे कराया। जिसकी रिपोर्ट शुक्रवार को जारी की गई।
प्राधिकरण की रिपोर्ट में कहा गया है कि शहर में 1757 बिल्डिंग अवैध रूप से बनी हुई हैं। इनमें से कुल 114 इमारतें ऐसी हैं जिन्हें जल्द ही ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इन इमारतों में से ज्यादातर पर पहले ही लीगल नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। एसीईओ आर.के मिश्र का कहना है कि शहर में असुरक्षित व जर्जर भवनों के परीक्षण के लिए एक समिति तैयार की गई थी। जिसमें नियोजन, संबंधित वरिष्ठ प्रबंधक, स्ट्रक्चरल इंजीनियर व राइट्स लिमिटेड के अधिकारी शामिल हैं। इस समिति द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई चलती रहेगी।
समिति द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि गांव की आबादी पर बनी कुल 1326 बिल्डिंग नियमावली के अनुरूप नहीं हैं। इनमें ज्यादातर इमारतें तीन मंजिला से ऊपर हैं। इनके खसरे का सत्यापन भूलेख विभाग कर रहा है। सत्यापन के बाद यह साफ होगा कि निर्माण प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में है या नहीं।
गौरतलब है कि प्राधिकरण ने अपनी सूची में उन मकानों को भी शामिल किया है जिन पर पहले से कार्रवाई चल रही है। प्राधिकरण के मुताबिक, जिन 114 भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी इनमें 50 को पहले ही सील किया जा चुका है। जबकि 60 अन्य को नोटिस की कार्रवाई जारी है।